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'RCB के लिए 10 रुपये दान करें!' इन्फ्लुएंसर ने क्यूआर कोड लेकर किया ऐसा प्रैंक, मजेदार रिएक्‍शन हुए वायरल

Viral Video: वायरल हो रहे इस वीडियो में शुरुआत देखकर समझेंगे कि, ये एक साधारण शरारत है, लेकिन जैसे-जैसे वीडियो आगे बढ़ेगा तो आप भी लोगों की तरह पोस्टरों पर ध्यान देंगे। सचदेवा को आश्चर्य हुआ कि कई लोगों ने क्यूआर कोड स्कैन करके पैसे भेजे।

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पैसे कलेक्‍ट करता इन्‍फ्लुएंसर।

Viral Video: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का क्रेज़ भारत ही नहीं बल्कि, विदेशों में भी जबरदस्‍त तरीके से देखने को मिलता है। इस टूर्नामेंट की हर टीम में से कोई न कोई टीम क्रिकेट प्रेमियों के दिल में खास स्‍थान रखती है। मगर, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) को हर सीजन में कुछ ज्‍यादा और असाधारण जोशीला समर्थन मिलता है। प्रतिभाशाली टीम होने के बावजूद, आरसीबी का आईपीएल खिताब जीतने की लगातार कोशिश, अब एक कहानी बन गई है। हाल ही में, कंटेंट क्रिएटर सार्थक सचदेवा ने शहर की सड़कों पर अपने डिजिटल भुगतान खाते से जुड़े क्यूआर कोड चिपकाकर एक वायरल सोशल एक्‍सपेरिमेंट किया। उन्‍होंने 'आरसीबी गुडलक के लिए 10 रुपये दान करें' शीर्षक ने एक विचित्र अभियान को जन्म दिया। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

वायरल हो रहे इस वीडियो में शुरुआत देखकर समझेंगे कि, ये एक साधारण शरारत है, लेकिन जैसे-जैसे वीडियो आगे बढ़ेगा तो आप भी लोगों की तरह पोस्टरों पर ध्यान देंगे। सचदेवा को आश्चर्य हुआ कि कई लोगों ने क्यूआर कोड स्कैन करके पैसे भेजे। चाहे आरसीबी के असली प्रशंसक हों या फिर सिर्फ़ हंसी-मज़ाक के लिए, दान की बाढ़ आ गई। दिन के अंत तक श्री सचदेवा ने अजनबियों से 1,200 रुपये जमा कर लिए थे। उन्होंने वीडियो में कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो मुझे उम्मीद नहीं थी कि लोग इसे गंभीरता से लेंगे। यह एक मजेदार सोशल एक्‍सपेरिमेंट था। लेकिन दिन के अंत तक मेरे खाते में 1,200 रुपये आ गए थे। ये सब मेरे शुभचिंतकों या आरसीबी प्रशंसकों से मिले थे।' यह वीडियो ऑनलाइन खूब वायरल हुआ, इसे 24 मिलियन से ज़्यादा बार देखा गया और इस पर मजेदार कमेंट्स की बाढ़ आ गई। यूज़र्स ने मज़ाक में कहा कि यह एक शानदार नया बिज़नेस मॉडल है, जबकि दूसरे लोग इस पर संदेह जताते रहे और टिप्पणी की कि भारत में लोगों को ठगना कितना आसान है।

एक यूजर ने लिखा, "नया बिजनेस आइडिया।" एक अन्य ने टिप्पणी की, "लोग कुछ पागलपन भरी चीजों पर पैसा खर्च कर सकते हैं..... मैं शर्त लगाता हूं कि वे उस पैसे से गरीबों को कभी खाना नहीं खिलाएंगे।" तीसरे ने कहा, "यदि यह नकली नहीं है, तो मुझे ऐसे देश में रहना बहुत बेवकूफी भरा लगता है, जहां लोग बिना यह सोचे कि इससे उनका हैक हो सकता है या वे अपना पैसा घोटालेबाजों के हाथों गंवा सकते हैं, बस यादृच्छिक क्यूआर कोड स्कैन कर लेते हैं।"

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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