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भारतीय खाना खाने के बाद ये विदेशी कपल हुआ दीवाना, तारीफ में कही ऐसी बात; वायरल हो रहा VIDEO

Viral Video: विदेशी कपल ने वीडियो के कैप्‍शन में लिखा कि, 'भारत में खाने के लिए बहुत ज्यादा कच्चा नहीं है। जब यह फूल होता है, तो आप पकौड़े बना सकते हैं। जब यह कच्चा होता है, तो सब्जी में पकाएं।

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भारतीय भोजन का फैन बन चुका कपल।

Viral Video: इन दिनों विदेशी फ़ूड ब्लॉगर्स और इन्‍फ्लुएंसर्स के कई वीडियो आपने सोशल मीडिया पर वायरल होते हुए देखे होंगे। हर व्यंजन आज़माना और उनका स्वाद लेते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं रिकॉर्ड करना एक वायरल ट्रेंड बन चुका है। ऐसे वीडियो यूजर्स को खूब लुभाते हैं और प्राय: अन्‍य देशों के लोगों के भारतीय खाने के प्रति भाव कैसा भाव रखते हैं ये भी पता चलता है। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ है इस वीडियो में एक विदेशी कपल ने भारतीय फूड आइटम में कच्ची और हरी सामग्री के उपयोग के बारे में अपनी राय साझा की। एक इंस्टाग्राम वीडियो में गुरू और लैला नामक कपल ने आश्चर्य व्यक्त किया कि भारत में कुछ भी खाने के लिए बहुत कच्चा नहीं मिलेगा।

विदेशी कपल ने वीडियो के कैप्‍शन में लिखा कि, 'भारत में खाने के लिए बहुत ज्यादा कच्चा नहीं है। जब यह फूल होता है, तो आप पकौड़े बना सकते हैं। जब यह कच्चा होता है, तो सब्जी में पकाएं। जब यह पक जाता है, तो इसे ऐसे ही खाएं। यह बहुत आश्चर्यजनक है।' वीडियो में गुरू ने कहा कि भारतीय व्यंजनों में, शायद ही कोई चीज इतनी कच्ची मानी जाती है कि उसे पकाने में इस्तेमाल न किया जा सके। उन्होंने भारतीय खाना पकाने में रचनात्मकता पर प्रकाश डाला। वे कहते दिख रहे हैं कि, 'उदाहरण के लिए, हरे आम का अचार के रूप में आनंद लिया जा सकता है, जबकि हरे कटहल को आमतौर पर सब्ज़ी के रूप में पकाया जाता है।' इस वीडियो में गुरू कहते हैं, 'यह ऐसी बात है जिसे देखकर मैं आश्चर्यचकित हूं।"

शेयर किए जाने के बाद से, वीडियो को 50,000 से ज़्यादा लाइक और 670,000 से ज़्यादा व्यूज़ मिल चुके हैं। वीडियो को सोशल मीडिया यूज़र्स की तरफ़ से कई तरह की प्रतिक्रियाएं मिली हैं। एक यूजर ने लिखा, 'एक भारतीय के तौर पर मुझे यह एहसास नहीं था कि मैं इतनी सारी चीज़ें कच्ची खाता हूं। मैं इसे नियमित रूप से खाता रहा हूं, और मुझे इसका एहसास भी नहीं था।' दूसरे ने कहा कि, 'भारत में कुछ भी बर्बाद नहीं होता, अगला वीडियो इस बारे में होना चाहिए कि कैसे कल के खाने को रिसाइकिल किया जाता है, रोटी को तली हुई रोटी में, कल के चावल को इमली और नींबू के साथ तले हुए चावल में, कल की दाल को दाल तड़का में और इसी तरह।' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'तब तक प्रतीक्षा करें जब तक आपको पता न चल जाए कि भारत में सबसे अधिक शाकाहारी व्यंजन हैं और वे सभी चीज़ बर्गर की तरह प्रसंस्कृत नहीं हैं।' चौथे यूजर ने कहा कि, 'आप इन सभी चीजों से अद्भुत व्यंजन बना सकते हैं! विशेष रूप से कच्चे आम से।' पांचवें यूजर ने कहा कि, 'हां, ऐसा कहना पूरी तरह से गलत और रूढ़िवादी है। दक्षिण भारत में हम इस तरह का खाना नहीं खाते हैं। हमारे यहां अलग-अलग तरह के सांभर, मसालेदार व्यंजन और बाजरा युक्त खाद्य पदार्थ हैं। हम केवल सब्जियों या उससे जुड़ी चीजों पर निर्भर नहीं हैं। यहां चावल बेहतर है।' वहीं, एक अन्‍य ने कहा कि, 'इसकी स्थिरता - कुछ भी बर्बाद नहीं होता।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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