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Viral News: बिना सैलरी के ओवरटाइम कराने पर भड़क उठा कर्मचारी, जॉब के पहले दिन किया रिज़ाइन, वायरल हुई पोस्‍ट

Viral News: गौरतलब है कि, कर्मचारी को 7 लाख रुपये प्रति वर्ष के पैकेज के साथ एसोसिएट प्रोडक्ट डिज़ाइनर की भूमिका में जॉब मिली थी। कर्मचारी ने अपने इस्तीफे के ईमेल का स्क्रीनशॉट भी अटैच किया जिसमें उन्होंने अपने बॉस के काम करने के तरीके के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की।

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वायरल हो रहा स्‍क्रीनशॉट।

Viral News: एक डिजाइनर ने काम के पहले दिन ही इस्‍तीफा देकर जॉब छोड़ दी क्योंकि उसके मालिक ने उससे बिना किसी अतिरिक्‍त भुगतान के ओवरटाइम करने के लिए कहा। साथ ही वर्क लाइफ बैलेंस के कॉन्‍सेप्‍ट को 'फैंसी शब्द' और 'पश्चिमी व्यवहार' का नाम देकर खारिज कर दिया। दावा है कि, बॉस धमकी भरे तरीके से कर्मचारी पर आधी रात तक काम करने के लिए दबाव डाला। इस व्‍यवहार को डिजाइनर ने अनुचित, अमानवीय और असंगत बताया जिसके बाद बॉस ने उसे डांटा। अपमानित महसूस करने पर कर्मचारी ने कंपनी से जॉब के पहले दिन ही रिज़ाइन कर दिया। Reddit पर शख्‍स ने अपना अनुभव साझा किया। हालां‍कि, टाइम्‍स नाउ नवभारत इन दावों की पुष्टि नहीं करता।

रेडिट पोस्‍ट के मुताबिक, '7 अक्टूबर को मेरे पहले दिन के अंत में, मेरे रिपोर्टिंग मैनेजर ने यह स्पष्ट कर दिया कि उन्हें अनुचित प्रतिबद्धताओं की उम्मीद है- बिना किसी अतिरिक्‍त भुगतान के सामान्य घंटों से अधिक काम। जब मैंने सीमाएं तय करने की कोशिश की तो उन्होंने वर्क लाइफ बैलेंस के बारे में बात करने के लिए मेरा मज़ाक उड़ाया, इसे फैंसी शब्द और पश्चिमी विकसित व्यवहार कहा। उन्होंने पढ़ने और जिम करने के लिए समय की मेरी इच्छा का भी मज़ाक उड़ाया, इसे एक बहाना बताकर खारिज कर दिया।'

शख्‍स ने दावा किया कि, 'किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए, ऐसा नहीं है कि मैं काम के घंटों के बाद एक मिनट के लिए भी काम करने के लिए तैयार नहीं हूं, यह व्यक्तिगत हमलों, अपमान, मेरा उपहास करने के बारे में है, क्योंकि मैंने बताया कि काम के अलावा भी मेरी एक जिंदगी है और मेरे शौक हैं जैसे पढ़ना, कम वेतन, कोई ओवरटाइम पॉलिसी नहीं होना और फिर भी हर दिन काम के घंटों से ज्यादा काम करने की उम्मीद करना। (हर दिन 12-14 घंटे कार्यदिवस)। मैं यह समझने के लिए पर्याप्त परिपक्व हूं कि शोषण, टॉक्सिक माहौल और जो नहीं हैं, उनके बीच अंतर है।' गौरतलब है कि, कर्मचारी को 7 लाख रुपये प्रति वर्ष के पैकेज के साथ एसोसिएट प्रोडक्ट डिज़ाइनर की भूमिका में जॉब मिली थी।

कर्मचारी ने अपने इस्तीफे के ईमेल का स्क्रीनशॉट भी अटैच किया जिसमें उन्होंने अपने बॉस के काम करने के तरीके के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की। यूजर ने कहा, 'आपने काम के घंटों के बाहर मेरी गतिविधियों के बारे में बार-बार टिप्पणी की है, जो मुझे लगता है कि बेहद अनुचित और गैर-पेशेवर है। मैं अपने निजी समय में क्या करना चुनता हूं - चाहे वह जिम करना हो, अपने परिवार के साथ समय बिताना हो, सोना हो या किताबें पढ़ना हो, यह मेरा विशेषाधिकार है और इसकी आलोचना नहीं की जानी चाहिए।' उचित पारिश्रमिक के बिना काम की उम्मीद करना कानूनी मानकों और हर कर्मचारी के हक का सम्मान दोनों को कमजोर करता है।'

अंत में वे लिखते हैं कि, 'मेरा मानना है कि आपके लिए किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ़ना सबसे अच्छा होगा जो आपकी अपेक्षाओं को आपके इच्छित तरीके से पूरा करने के लिए तैयार हो। मुझे उम्मीद है कि आप मेरे फैसले को समझेंगे, क्योंकि मैं अपने कार्य संबंधों में व्यावसायिकता और सम्मान दोनों को प्राथमिकता देता हूं।' रेडिट यूजर ने ईमेल पर अपने बॉस का रिएक्‍शन भी शेयर किया। बॉस ने स्वीकार किया कि दोनों पक्षों को एक ऐसा कर्मचारी और नियोक्ता ढूंढ़ना चाहिए जो उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप हो। यूजर ने कहा, 'जो कहा गया और जो दोनों पक्षों ने समझा, उसके बीच के अंतर को पाटने की कोशिश करना इस स्थिति में ठीक नहीं है जब अलग होने पर स्पष्ट सहमति है। निश्चित रूप से इस पूरी बहस से मैंने कुछ सबक सीखे हैं, और इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं।' बॉस ने उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं और पुष्टि की कि उनकी एक दिन की सेवा के लिए भुगतान अकाउंट विभाग द्वारा किया जाएगा।

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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