Trending News : आज के समय में टेक्नालॉजी ने भले ही तरक्की कर ली हो, लेकिन पोस्टकार्ड का दौर हर शख्स को याद होगा। जब अपनी भावनाओं को लोग कागज पर शब्दों का रूप देकर अपने संबंधियों, दोस्त या फिर प्रेमी-प्रेमिकाओं को भेजा करते थे। हालांकि ये रिवाज मोबाइल के आने के बाद से बंद होता नजर आ रहा है, मगर आज भी पुरानी अलमारी या फिर दस्तावेजों के बीच से कोई पोस्टकार्ड निकल आता है तो हम उसे देखे और पढ़े बिना रह नहीं पाते। पोस्टकार्ड की याद हम आपको इसलिए दिला रहे हैं क्योंकि ऐसा ही मामला अचानक चर्चा में आ गया है। जिस पर लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह से रिएक्ट कर रहे हैं। ये पोस्टकार्ड पर सही पते पर करीब 54 साल के बाद पहुंचा है। इसका पूरा सफर काफी दिलचस्प है।
पेरिस से भेजा गया था पोस्टकार्ड
बैंगोर डेली न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया है कि, इस पोस्टकार्ड को आज से 54 साल पहले 1969 में भेजा गया था। जो कि 2023 में जेसिका मीन्स नामक महिला को प्राप्त हुआ है। जेसिका ने बताया कि, पिछले सोमवार को रोज की तरह जब अपने घर के बाहर आकर उन्होंने लेटर बॉक्स चेक किया तो उसमें पोस्टकार्ड आया था, जो कि काफी पुराना लग रहा था। वो पोस्टकार्ड जिस शख्स को भेजा गया था, जिसकी मौत को 30 साल से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। जेसिका ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि ये पोस्टकार्ड उनके पड़ोसी का होगा जो गलती से उनके घर आ गया। हालांकि बाद में अहसास हुआ कि ये पोस्टकार्ड उनके घर के मूल मालिकों के नाम था। उस पर मिस्टर और मिसेज रेने ए. गगनन कर नाम लिखा था, जिसे रॉय नाम के शख्स ने भेजा था।
क्या लिखा है पोस्टकार्ड में
जेसिका ने पोस्टकार्ड के बारे में बताया है कि, उसमें लिखा हुआ है कि, ‘जब तक ये कार्ड आपको मिलेगा, मैं घर आ चुका होऊंगा, लेकिन इसे एफिल टॉवर से भेजना मुझे उचित लगा, जहां पर अभी मैं मौजूद हूं। बहुत कुछ देखने का तो मौका नहीं मिला, लेकिन जितना देखा उसका आनंद ले रहा हूं।’ फिलहाल ये पोस्टकार्ड सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इसे लेकर लोग अपने-अपपे अंदाज में प्रतिक्रिया दे रहे हैं। किसी ने इस पोस्टकार्ड की कहानी को बढि़या बताया है तो वहीं, एक यूजर ने अपने दोस्तों को इस उम्मीद से फोटो में टैग किया है कि शायद वे उसे जानते हों।
