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इसे कहते हैं सच्चा आशिक, पैसे नहीं थे तो साइकिल चलाकर पत्नी से मिलने यूरोप पहुंच गया भारतीय शख्स

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated May 26, 2023, 03:52 PM IST

Ajab Gajab Love: भारतीय आर्टिस्ट पीके महानंदिया और स्‍वीडन की रहने वाली शार्लोट वॉन शेडविन की प्रेम कहानी बेहद खास है। लगातार 4 महीने 3 हफ्ते तक साइकिल चलाने के बाद भारतीय आर्टिस्ट पीके महानंदिया अपनी पत्नी से मिलने में सफल रहे। वह हर रोज लगभग 70 किलोमीटर तक साइकिल चलाते थे।

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भारतीय शख्स की प्रेम कहानी (इंस्टाग्राम)

KEY HIGHLIGHTS
  • भारतीय आर्टिस्ट महानंदिया की प्रेम कहानी
  • स्वीडन की लड़की से हुआ था सच्चा प्यार
  • मिलने के लिए साइकिल से पहुंच गए यूरोप

Ajab Gajab Love: कहते हैं कि प्यार में इंसान कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहता है। आज हम आपको एक ऐसे भारतीय की कहानी बताने जा रहे हैं, जिनके मोहब्बत के किस्से भारत से लेकर यूरोप तक में मशहूर हैं। यह शख्स अपनी पत्‍नी से इतना मोहब्बत करता था कि उससे मिलने के लिए भारत से यूरोप साइकिल पर पहुंच गया। हम बात कर रहे हैं भारतीय आर्टिस्ट पीके महानंदिया और स्‍वीडन की रहने वाली शार्लोट वॉन शेडविन के प्रेम कहानी की।

भारतीय कलाकार महानंदिया की अनोखी प्रेम कहानी

प्रद्युम्न कुमार महानंदिया भारत के एक शानदार आर्टिस्ट थे। महानंदिया की कला के बारे में सुनकर शेडविन स्वीडन से भारत पहुंची थीं। तब शेडविन कॉलेज की छात्रा थीं और उनकी उम्र 19 साल थी। भारत आकर उन्‍होंने महानंदिया से अपना चित्र बनवाने का आग्रह किया। इस दौरान दोनों के बीच प्‍यार शुरू हो गया। महानंदिया दिल्ली में कला महाविद्यालय के छात्र थे। शार्लोट जब महानंदिया से अपना चित्र बनवा रही थीं तो दोनों के बीच प्यार पनपा और दोनों ने शादी कर ली। हालांकि, शाार्लोट कुछ दिनों बाद वापस स्‍वीडन चली गईं।

यूरोप जाने के लिए नहीं थे पैसे

कुछ दिनों बाद महानंदिया को अपनी पत्नी की याद सताने लगी, लेकिन उनके पास यूरोप जाने के पैसे नहीं थे। इसके बाद उन्‍होंने साइकिल से यूरोप जाने का फैसला किया। वह अपनी पत्‍नी से मिलने के लिए साइकिल से यूरोप निकल पड़े। उन्‍होंने हर रोज लगभग 70 किमी साइकिल चलाई और लगातार 4 महीने 3 हफ्ते तक साइकिल चलाने के बाद अंत में अपनी पत्नी से मिलने में सफल रहे। इसके बाद महानंदिया स्वीडन में ही बस गए।यह कहानी है जनवरी 1977 की। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आज से लगभग 45 साल पहले साइकिल खरीदने के लिए भी लोगों के पास पैसे नहीं होते थे। महानंदिया ने साइकिल खरीदने के लिए अपना सारा सामान बेच दिया था।

आदित्य साहू
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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