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PM मोदी ने ऐसे मंदिर में की पूजा-अर्चना, हवा में झूलता है जिसका खंभा, विज्ञान भी नहीं सुलझा पाया रहस्य

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Jan 16, 2024, 04:09 PM IST

Veerabhadra Temple Lepakshi Mystery: भगवान शंकर, भगवान व‍िष्‍णु और वीरभद्र को समर्पित इस मंदिर ने अंग्रेजों को भी अपने सामने झुकने पर मजबूर कर दिया था। इस मंदिर का रहस्य सुलझाने में वैज्ञानिक भी फेल हो गए हैं।

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पीएम मोदी लेपाक्षी (ट्विटर)

Veerabhadra Temple Lepakshi Mystery: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दक्षिण भारत के दौरे पर थे। उन्होंने आंध्रप्रदेश के लेपाक्षी स्थित वीरभद्र मंदिर पहुंचकर पूजा-आरती की। उन्होंने मंदिर के भजन-कीर्तन में भी हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने वीरभद्र मंदिर में रंगनाथ रामायण की चौपाइयां भी सुनीं। पीएम मोदी ने 'श्रीराम जय राम, जय जय राम' भजन भी गाया। वीरभद्र मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा है। अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से एक सप्ताह पहले रामायण में खास स्थान रखने वाले लेपाक्षी का पीएम मोदी का दौरा बेहद खास है।

पीएम मोदी ने किया लेपाक्षी मंदिर का दौरा

लेपाक्षी का वीरभद्र मंदिर दक्षिण भारत के उन रहस्‍यमयी मंदिरों में शुमार है, जिसका रहस्य सुलझाने में विज्ञान भी हार गया है। वीरभद्र मंदिर पुरातन काल से लोगों के लिए उत्‍सुकता का व‍िषय बना हुआ है। भगवान शंकर, भगवान व‍िष्‍णु और वीरभद्र को समर्पित इस मंदिर ने अंग्रेजों को भी अपने सामने झुकने पर मजबूर कर दिया था। इस मंदिर का रहस्य सुलझाने में वैज्ञानिक भी फेल हो गए हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस मंदिर के 70 खंभों में से एक खंभा हवा में झूलता है।

हवा में झूलता है मंदिर का एक खंभा

अनंतपुर जिले में स्‍थापित यह मंदिर 70 खास खंभों पर खड़ा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस मंदिर का एक खंभा जमीन को छूता नहीं है। इस कारण मंदिर को हैंगिंग टेंपल के नाम से जाना जाता है। बता दें कि साल 1902 में एक ब्रिटिश इंजीनियर हैमिल्टन ने मंदिर का रहस्य सुलझाने की हद से ज्यादा कोशिश की थी। हैमिल्टन ने इमारत का आधार जांचने के लिए हवा में झूलते खंभे पर हथौड़े से वार भी किया था। इस वार से 25 फीट दूर खंभों पर दरारें आ गई थीं। जिससे पता चला कि वीरभद्र मंद‍िर का सारा भार इसी झूलते खंभे पर है।

आदित्य साहू
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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