वायरल न्यूज़

अजब: 11 साल के स्टूडेंट डायपर पहन जा रहे स्कूल, अब मां-बाप नहीं सिखा पा रहे बच्चों को टॉयलेट जाना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 17, 2023, 09:59 AM IST

Ajab Gajab News: स्विटजरलैंड में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। सुनकर आपको भी समझ नहीं आएगा कि आखिर क्या प्रतिक्रिया दें। दरअसल, आजकल मां और पिता दोनो कामकाजी हो गए हैं। इसमें वो इतना ज्यादा मशगूल हो जाते हैं कि अपने बच्चों की परवरिश पर ध्यान नहीं दे पाते हैं।

Image

प्रतीकात्मक तस्वीर (ट्विटर)

KEY HIGHLIGHTS
  • स्विटजरलैंड से आया हैरान करने वाला मामला
  • माता-पिता बच्चों को नहीं सिखा पा रहे टॉयलेट जाना
  • 11 साल के बच्चे डायपर पहनकर जा रहे हैं स्कूल

Ajab Gajab News: बच्चों के जन्म लेते ही उसकी सारी जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। उसे खाना खिलाने से लेकर बाकी चीजें सिखाने की जिम्मेदारी भी माता-पिता की ही होती है। बच्चों को पॉटी कराने से लेकर उसे जाना सिखाने की जिम्मेदारी भी माता-पिता ही पूरी करते हैं। हालांकि, इन दिनों माता-पिता अपने काम में इतने बिजी होते हैं कि बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाते। दरअसल, आजकल मां और पिता दोनो कामकाजी हो गए हैं। दोनों का अपना करियर होता है। इसमें वो इतना ज्यादा मशगूल हो जाते हैं कि अपने बच्चों की परवरिश पर ध्यान नहीं दे पाते हैं।

बड़े बच्चे भी नहीं सीख पाए टॉयलेट जाने का सलीका

इस लापारवाही का नतीजा स्विटजरलैंड के बच्चे झेल रहे हैं। स्विटजरलैंड से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। आपको भी इस मामले के बारे में जानकर समझ नहीं आएगा कि क्या प्रतिक्रिया दें। दरअसल, स्विटजरलैंड में 11-11 साल के बच्चे डायपर पहनकर स्कूल जा रहे हैं। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों है? दरअसल, उनके माता-पिता उन्हें टॉयलेट जाने का सलीका नहीं सिखा पा रहे। इस कारण उन्हें डायपर पहनकर स्कूल जाना पड़ रहा है। यह मामला एक तरह से चिंताजनक भी है। इस कारण वहां के शिक्षकों की नींद उड़ गई है।

पूरी दुनिया के लिए बड़ी समस्या

अमूमन, टॉयलेट जाने की ट्रेनिंग बच्चों को पैदा होने के 18 से 24 महीनों में ही दे दी जाती है। वहीं 11 साल के बच्चे भी यह सीख नहीं पाए हैं। अब वहां के शिक्षक परेशान हैं कि आखिर वो बच्चों को पढ़ाये या उन्हें टॉयलेट जाना सिखाएं। स्विस फेडरेशन ऑफ टीचर्स के हेड डगमार रोसलर ने इस बढ़ती समस्या के बारे में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब 11 साल के बच्चे डायपर में स्कूल आते हैं तो यह चिंता का विषय है। माता-पिता को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए की बच्चे स्कूलों में डायपर पहन कर न आयें। शिक्षकों का काम उनका डायपर बदलना नहीं है। स्कूल में डायपर पहनने वाले छात्रों का मुद्दा सिर्फ स्विट्जरलैंड तक ही सीमित नहीं है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क के माता-पिता भी अपने बच्चों को सही से शौचालय उपयोग करना नहीं सिखा पा रहे हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article