महाराष्ट्र में इन दिनों भाषा और पहचान को लेकर बहस चल रही है। इसी बीच मुंबई के एक हिंदी भाषी ऑटो ड्राइवर की छोटी सी कोशिश का वीडियो (Video) इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि ड्राइवर ने मराठी सीखने के लिए अपने ऑटो में हाथ से लिखी एक खास Hindi to Marathi Phrase Sheet लटका रखी है। जिसकी मदद से वह अपने यात्रियों से मराठी में बात करने की कोशिश करता है।
हिंदी शब्दों के मराठी अनुवाद
वायरल वीडियो (Viral Video) को लेकल बताया जा रहा है कि ऑटो ड्राइवर हिंदी बोलता है, लेकिन मुंबई में रोजाना काम करने के दौरान उसे अलग-अलग तरह के यात्रियों से बात करनी पड़ती है। ऐसे में उसने स्थानीय भाषा सीखने का यह सबसे शानदार रास्ता चुना। इसके लिए उसने कुछ जरूरी हिंदी शब्दों और उनके मराठी मतलब की एक लिस्ट तैयार की और उसे अपने ऑटो में लटका दिया।
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ऑटो में रखी भाषा की छोटी सी किताब
इस छोटी सी फ्रेज शीट में रोजमर्रा की बातचीत में काम आने वाले शब्द और वाक्य लिखे गए हैं। ड्राइवर इन्हें देखकर मराठी के शब्द सीखने की कोशिश करता है। इसका मकसद सिर्फ भाषा सीखना नहीं, बल्कि यात्रियों से बेहतर तरीके से बातचीत करना भी है। मुंबई जैसे बड़े शहर में रोजाना हजारों लोग अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। ऑटो और टैक्सी चालकों का सामना भी हर दिन अलग-अलग यात्रियों से होता है। ऐसे में स्थानीय भाषा की थोड़ी जानकारी बातचीत को आसान बना सकती है।
कमाई के साथ भाषा सीखने की कोशिश
इस ड्राइवर की खास बात यह है कि वह अपनी रोजी-रोटी के साथ-साथ नई भाषा सीखने की कोशिश कर रहा है। वह किसी बहस में पड़ने के बजाय खुद आगे बढ़कर मराठी सीख रहा है। उसकी यह कोशिश इसलिए भी खास है क्योंकि भाषा को लेकर अक्सर लोगों के बीच गलतफहमियां पैदा हो जाती हैं लेकिन एक-दूसरे की भाषा सीखने और समझने की कोशिश इन दूरियों को कम कर सकती है। साथ ही आपकी जानकारी में भी इजाफा हो सकता है।
सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ
ऑटो में रखी इस हाथ से लिखी फ्रेज शीट (Phrase Sheet) की तस्वीर या जानकारी सामने आने के बाद लोग इसे एक सकारात्मक कदम के तौर पर देख रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि किसी नई जगह की भाषा सीखने की कोशिश उस जगह और वहां रहने वाले लोगों के प्रति सम्मान दिखाती है। ड्राइवर की यह छोटी सी पहल एक बड़ा संदेश भी देती है। भाषा किसी को बांटने की वजह बनने के बजाय लोगों को जोड़ने का जरिया भी बन सकती है। मुंबई में रहने वाला कोई व्यक्ति अगर मराठी सीखने की कोशिश करता है और मराठी बोलने वाला व्यक्ति भी दूसरी भाषा समझने की कोशिश करे, तो बातचीत और आसान हो सकती है। इसके लिए हमेशा बड़ी-बड़ी कोशिशों की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी ऑटो में रखी हाथ से लिखी एक छोटी सी फ्रेज शीट (Phrase Sheet) भी शुरुआत बन सकती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
