भारतीय नौसेना (Indian Navy) अब एक ऐसे हथियार से लैस होने जा रही है, जिसमें वेपन के रूप में गोला-बारूद है ही नहीं, लेकिन समुद्र में ऐसी चालाकी से काम करता है कि बिना गोला चलाए, बिना टॉरपीडो लॉन्च किए हुए, बिना किसी मिसाइल को छोड़े, दुश्मन को जंग में मात दे देता देता है। India Navy के इस शांत से दिखने वाले वेपन का नाम है- आईएनएस निपुण (INS Nipun)। आईएनएस निपुण आज नौसेना में शामिल हो गया है। मुंबई में जब ये पहली बार समुद्र में उतरा तो इसे देखकर कोई कह भी नहीं सकता था कि यह इतना खतरनाक होगा। ‘निपुण’ के शामिल होने से भारतीय नौसेना की डीप-सी डाइविंग, अंडरवाटर सर्च एंड रेस्क्यू, पनडुब्बी बचाव और साल्वेज ऑपरेशन की क्षमता और मजबूत हुई है। साथ ही, यह भारत के घरेलू नौसैनिक जहाज निर्माण क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
आम जंगी जहाजों से बिलकुल अलग है INS Nipun
आमतौर पर जब हम किसी भी नेवी के जहाज को देखते हैं तो उसपर तोप लगा होता है, मिसाइल लॉन्चर होते हैं, अलग-अलग तरह के गन लगे होते हैं, लेकिन आईएनएस निपुण के साथ ऐसा नहीं है। उसके हथियार सामने से न तो दिखते हैं और न ही दुश्मन को समझ आते हैं कि ये जंग लड़ेगा कैसे? दरअसल INS Nipun का नाम बहुत अलग है। ‘निपुण’ एक स्पेशल शिप है, जिसे समुद्र की गहराई में डाइविंग और अलग-अलग प्रकार के अंडरवाटर ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल गोताखोरों को सहायता देने, समुद्र के भीतर तकनीकी काम, बचाव और मलबा निकालने जैसे अभियानों में किया जा सकेगा। यह हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम द्वारा भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया दूसरा DSV है। इससे पहले INS Nistar ( आईएनएस निस्तार) नौसेना में शामिल हो चुका है।
INS निपुण (फोटो- PTI)
जस-नाम तस गुण
‘निपुण’ का नाम संस्कृत के शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ कुशल, सक्षम और दक्ष होता है। इसके क्रेस्ट में व्हेल और डाइविंग हेलमेट को दर्शाया गया है, जो समुद्र की गहराई में काम करने, धैर्य, गोताखोरों की सुरक्षा और अंडरवाटर अभियानों में पेशेवर दक्षता का प्रतीक है।
किस मिशन को अंजाम देने में सक्षम है INS Nipun?
‘निपुण’ में आधुनिक डाइविंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसमें Deep Sea Saturation Diving की सुविधा और एक विशेष Side Diving Stage मौजूद है। इनकी मदद से गोताखोर मुश्किल और गहरे समुद्री वातावरण में भी सुरक्षित तरीके से काम कर सकेंगे। ‘निपुण’ को भारतीय नौसेना के Deep Submergence Rescue Vessel (DSRV) के लिए मदर शिप के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। पनडुब्बी में किसी तरह की आपात स्थिति पैदा होने पर यह जहाज वहां बचाव अभियान में सहायता करेगा और पनडुब्बी में मौजूद कर्मियों को सुरक्षित निकालने में मदद करेगा। जहाज में आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम और सटीक स्टेशन-कीपिंग क्षमता मौजूद है। इसके अलावा इसमें Remotely Operated Vehicles (ROVs) भी हैं।
समुद्र की गहराई में रेस्क्यू मिशन में सक्षम (फोटो- Indian Navy)
60 दिनों तक समुद्र में चला सकता है ऑपरेशन
यह जहाज 118 मीटर लंबा है और इसका डिस्प्लेसमेंट 8,560 टन से अधिक है। यह बिना दोबारा ईंधन या अन्य जरूरी सामान लिए 60 दिनों तक समुद्र में रह सकता है। जहाज पर एक फ्लाइट डेक है, जहां भारी हेलीकॉप्टर भी उतर सकते हैं। इसका इस्तेमाल सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) ऑपरेशन और मेडिकल इवैक्यूएशन के लिए किया जा सकता है। यह जहाज सिर्फ सैचुरेशन डाइविंग तक सीमित नहीं है। यह सामान्य हवा के साथ डाइविंग और मिक्स्ड-गैस/हीलियम-ऑक्सीजन डाइविंग में भी मदद कर सकता है। इन क्षमताओं का इस्तेमाल समुद्र के अंदर जांच, रखरखाव, मरम्मत और दूसरे तकनीकी कामों के लिए किया जा सकता है।
तुरंत मेडिकल सहायता
जहाज पर 8 बेड वाला मेडिकल सेंटर है। इसमें टेलीमेडिसिन और ऑपरेशन थिएटर की सुविधा भी मौजूद है। जरूरत पड़ने पर जहाज पर तैनात लोगों को तुरंत इलाज मिल सकता है। खासकर डाइविंग ऑपरेशन के दौरान किसी आपात स्थिति में यहां तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
सबमरीन रेस्क्यू मिशन को दे सकता है अंजाम (फोटो- Indian Navy)
दुश्मनों के लिए कैसे खतरनाक है INS निपुण?
जंग के दौरान INS निपुण का मुख्य काम सीधे दुश्मन पर हमला करना नहीं, बल्कि समुद्र के भीतर चलने वाले अभियानों को सपोर्ट करना होगा। यह गहरे समुद्र में डाइविंग, अंडरवाटर सर्विलांस, तकनीकी हस्तक्षेप और साल्वेज ऑपरेशन में नौसेना की मदद करेगा। किसी पनडुब्बी के दुर्घटनाग्रस्त या क्षतिग्रस्त होने पर निपुण DSRV की मदर शिप के रूप में रेस्क्यू अभियान को सपोर्ट कर सकता है। इसके आधुनिक डाइविंग सिस्टम और ROVs समुद्र की गहराई में मुश्किल अभियानों को अंजाम देने में मदद करेंगे। इस तरह निपुण जंग के दौरान पीछे रहकर दुश्मन के शिकार हुए जवानों और शिपों पर मदद पहुंचाकर भारतीय नौसेना को मजबूत करते रहेगा। यह भारतीय नौसेना को विदेशी देशों पर निर्भर हुए बिना, पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से जोखिम भरे पानी के नीचे बचाव अभियान चलाने में सक्षम बनाता है।
2026 में नौसेना के कई स्वदेशी प्लेटफॉर्म शामिल
‘निपुण’ इस साल भारतीय नौसेना में शामिल होने वाला आठवां स्वदेशी नौसैनिक प्लेटफॉर्म होगा। इससे पहले 2026 में INS Anjadip, INS Taragiri, INS Dunagiri, INS Sanshodhak, INS Agray, INS Mahendragiri और INS Malvan को नौसेना में शामिल किया जा चुका है।
