हाल में ही एक खबर आपने भी सुनी और पढ़ी होगी कि रेलवे की एसी ट्रेनों से 1 करोड़ से भी अधिक रुपए के बेडरोल आइटम (चादरें, तौलिए, कंबल और तकिए) गायब हुए हैं। अब सवाल ये था कि आखिर गायब हुए ये आइटम्स कहां गए? कई बार तो हम यात्रा के दौरान ही देखते हैं कि यात्री इन चीजों को यात्रा के बाद अपने बैग में रखकर ले जाते हैं। अब इसी सवाल का जवाब देता हुआ एक वीडियो (Video) इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
यह वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर खूब वायरल हो रहा है। हमने यह वीडियो इंस्टाग्राम पेज @ranjeet_official24 से लिया है। वीडियो के कैप्शन में यह बताया गया है कि रेलवे के कंबल से लेकर पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तक, सरकारी संपत्ति की चोरी एक महंगी समस्या बन चुकी है।
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रेलवे की चादर से बना कुर्ता पहनकर घूमते दिखे चचा
यह वायरल वीडियो (Viral Video) एक बाजार का है। जहां कैमरे में एक ऐसा शख्स कैद हुआ, जो रेलवे की चादर से बना कुर्ता पहनकर सब्जी खरीदते हुए नजर आया। वीडियो में आप देख सकते हैं कि शख्स रेलवे की सफेद चादर से खुद के लिए कुर्ता सिलवा लिया है और उसी कुर्ते को पहन कर वह बेफिक्र बाजार में घूमते नजर आ रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि शख्स के कुर्ते पर वेस्टर्न रेलवे की एक पट्टी छपी हुई दिख रही है। जैसा कि आमतौर पर रेलवे अपनी चादरों पर पहचान के लिए छपवाता है।वीडियो पर कुछ ऐसा रहा लोगों का रिएक्शन
शख्स के इस वीडियो (Video) को देख लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। जहां लोगों ने कहा कि अब समझ में आ रहा है कि आखिर रेलवे की चादरें कहां गायब हो रही हैं। एक यूजर ने इस वीडियो पर मजाकिया अंदाज में कमेंट करते हुए लिखा कि हो सकता है कि अंकल ने यह कुर्ता खरीदा हो। दूसरे ने लिखा, "मैंने अच्छे-अच्छे लोगों को रेलवे की चादरें गायब करते हुए देखा है।"
रेलवे की संपत्ति चुराते हुए पकड़े जाने पर क्या-क्या हो सकता है?
इस वायरल वीडियो (Viral Video) को देखने के बाद यह भी जान लें कि रेलवे की संपत्ति की चोरी करना कानूनन अपराध है और पकड़े जाने पर दंडनीय प्रावधान भी हैं। आइए जानते हैं कि रेलवे की संपत्ति पर हाथ साफ करने वाले लोगों पर क्या-क्या कार्रवाई हो सकती है। बता दें कि रेलवे की संपत्ति जैसे- बेडरोल, शीशा, तार, लोहे के पुर्जे, पटरियां और अन्य संपत्ति की चोरी या नुकसान पहुंचाने पर रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। अगर कोई दोषी पाया जाता है कि उस पर 1000 से लेकर 5000 रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही उसे 5 से 7 साल तक की जेल भी हो सकती है।डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
