अक्सर हम लोगों को ऐसा लगता है कि सार्वजनिक जगहों (पब्लिक प्लेस) पर असुरक्षा का खतरा सिर्फ और सिर्फ महिलाओं के लिए होता है, लेकिन इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो ने इस सोच पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है और एक सवाल खड़ा कर दिया है। यह घटना बताती है कि गलत हरकतों का शिकार कोई भी हो सकता है, फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष। बस में सफर का रहा एक शख्स ने जो आपबीती बताई है उसे सुन और वीडियो को देखकर आप भी गुस्से से लाल हो जाएंगे। इस घटना ने उसे भीतर तक झकझोर दिया और एक ऐसी सच्चाई से रूबरू कराया, जिसे वह शायद कभी भूल न पाए।
फोन में किया वीडियो रिकॉर्ड
अभिषेक ने इस घटना का वीडियो भी अपने फोन में रिकॉर्ड किया, जिसमें साफ नजर आता है कि बुजुर्ग किस तरह गलत व्यवहार कर रहा है। थोड़ी देर बाद अभिषेक ने हिम्मत करके उससे सवाल किए, जैसे उसकी उम्र क्या है और क्या उसका परिवार है। बातचीत में सामने आया कि उसकी उम्र करीब 70 साल है और उसका परिवार भी है। शख्स ने वीडियो के माध्यम से कहा कि बस में सफर के दौरान मेरे साथ एक बहुत बुरा अनुभव हुआ। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने मेरी निजी सीमा का उल्लंघन किया और मुझे गलत तरीके से छूने की कोशिश की। उस समय मैं बहुत डर गया और कुछ समझ नहीं पाया। इस घटना से मुझे यह समझ आया कि उत्पीड़न किसी के साथ भी हो सकता है। उम्र या लिंग किसी को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाता, यहां तक कि लड़के भी हमेशा सुरक्षित नहीं होते। मैं यह बात इसलिए साझा कर रहा हूं ताकि लोग जागरूक हों और समझें कि ऐसा व्यवहार कभी भी सही या स्वीकार्य नहीं है।
इस घटना ने उसे अंदर तक हिला दिया और उसे एक ऐसी सच्चाई का सामना करना पड़ा, जिसे वह शायद कभी भूल नहीं पाएगा। बाद में अभिषेक ने वही वीडियो बस के कंडक्टर को दिखाया। पूरी बात समझते ही कंडक्टर ने तुरंत कदम उठाया और उस बुजुर्ग व्यक्ति को बस से उतार दिया। इससे अभिषेक को थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन मन में डर और तनाव बना रहा। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर ram0la___ अकाउंट से शेयर किया गया है। इसे अभी तक लाखों लोगों ने देखा है। वहीं पर सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर कमेंट्स भी किए हैं। पहले ने लिखा: "तुमने उनकी शक्ल क्यूचुपाई वह दया का पात्र नहीं है", दूसरे ने लिखा: "आपने स्थिति को बहुत शांति से संभाला, यही सच्ची परिपक्वता का उदाहरण है।"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
