Sikkim Surang Hadsa: सिक्किम के नामची जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) की तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना के तहत बन रही एक सुरंग (Sikkim Tunnel Collapse) के अचानक ढह जाने से कम से कम 20 श्रमिकों की मृत्यु हो गई। इस भयानक दुर्घटना में कई अन्य मजदूर पिछले चौबीस घंटों से सुरंग के भीतर ही फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना दक्षिण सिक्किम के समरडुंग क्षेत्र स्थित हेड रेस टनल (HRT) में घटी। 20 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे सुरंग के भीतर चट्टानों में दबी संदिग्ध मीथेन गैस अचानक तेजी से बाहर निकली, जिसके कारण वहां एक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के तुरंत बाद ऊपरी हिस्से से भूस्खलन हुआ और देखते ही देखते पूरी सुरंग घने धुएं व जहरीली गैस से भर गई।
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27 मजदूर कर रहे थे काम
हादसे के वक्त टनल के भीतर 27 मजदूर काम कर रहे थे, जो वहीं फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही एनएचपीसी की तकनीकी टीमों और पुलिस प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। एनएचपीसी का उच्च प्रबंधन भी मौके पर मौजूद है और सुरंग के भीतर की स्थिति को सामान्य बनाकर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
सीएम और पीएम ने आर्धिक मदद की घोषणा की
इस भीषण त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मृतक मजदूरों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के आश्रितों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया है। फिलहाल पूरा ध्यान सुरंग में फंसे बाकी मजदूरों की सांसों को बचाने पर केंद्रित है।
