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ईरान पर नहीं थम रहा अमेरिकी हमलों का दौर, लगातार 11वीं रात सैन्य ठिकानों पर किए हमले

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी एक नयी चेतावनी में कहा, 'ईरान और ईरान का समर्थन करने वाले समूह विदेश में अमेरिका के अन्य हितों या दुनिया भर में अमेरिका और अमेरिकियों से जुड़ी जगहों को निशाना बना सकते हैं।’ हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।

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ईरान के सैन्य ठिकानों पर यूएस के हमले। तस्वीर-X/Centcom

US Attack on Iran: अमेरिका ने ईरान पर हमला लगातार 11वीं रात किया है। इस हमले के बारे में अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने कहा कि आज शाम सात बजे के बाद ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार 11वीं रात हमले हुए। इन हमलों का लक्ष्य ईरान के सैन्य सामर्थ्य को कम करना है ताकि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापारिक जहाजों के लिए कोई खतरा नहीं बन सके।

लगातार 10 रातों से जारी अमेरिका के हवाई हमलों के बावजूद जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण कमजोर नहीं हुआ है। युद्ध से पहले, वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता था। दोनों देशों के बीच पिछले महीने हुआ अस्थायी समझौता अब टूट चुका है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही भी लगभग रुक गई है। लड़ाई तेज होने के साथ दोनों पक्षों ने ऐसे नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया है, जिस पर लाखों लोगों का जीवन निर्भर है।

बढ़ रही कच्चे तेल की कीमत

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी एक नयी चेतावनी में कहा, 'ईरान और ईरान का समर्थन करने वाले समूह विदेश में अमेरिका के अन्य हितों या दुनिया भर में अमेरिका और अमेरिकियों से जुड़ी जगहों को निशाना बना सकते हैं।’ हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। मंगलवार को बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही और अमेरिका में नियमित गैसोलीन की कीमत औसतन चार डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई, जिससे इस बार के मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिकी उपभोक्ताओं की जेब पर दबाव बढ़ गया है।

पाकिस्तान पहुंचे हैं ईरान के गृह मंत्री मोमेनी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर चेतावनी दी, 'जब भी ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की हत्या करेगा, तो उसे इस हत्या की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी!’दो अधिकारियों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि ईरान के गृह मंत्री मोमेनी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की। बाद में मोमेनी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की। अधिकारियों ने बैठक के बारे में फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब ईरान ने अमेरिका के खाड़ी अरब सहयोगी देशों पर अपने हमले जारी रखे।

'गंभीर और सार्थक’पहल होनी चाहिए-रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को संवाददाताओं से कहा था कि अमेरिका अब भी ईरान के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए 'गंभीर और सार्थक’पहल होनी चाहिए। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि तेहरान ऐसा कोई प्रस्ताव देगा या नहीं, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 'वास्तविक’ या 'सार्थक’मानें। अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा है कि उसने 'ईरान के सैन्य कमान केंद्रों, समुद्री क्षमता, मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थल और वायु रक्षा प्रणाली’को निशाना बनाया। उसने ईरान में इन स्थलों को निशाना बनाकर की गई बमबारी के और फुटेज जारी किए।

इन इलाकों में हुए हमले

ईरान की सरकारी मीडिया ने खबर दी कि फार्स, होर्मोजगन, इलम, केरमन और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, हालिया हिंसा के दौरान जलडमरूमध्य से गुजरने वाला यातायात बहुत धीमा हो गया है। समुद्री डेटा और खुफिया सूचनाएं प्रदान करने वाली लंदन स्थित ’लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस’ ने बताया कि रविवार को सिर्फ तीन जहाज ही इस जलडमरूमध्य से गुज़रे। ब्रिटिश सेना की ’यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ केंद्र ने कहा कि मंगलवार सुबह ओमान जलडमरूमध्य में एक टैंकर को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद चालक दल के सदस्य जहाज छोड़कर चले गए।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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