Most Amazing Temple of India: भारत में कई अद्भुत मंदिर हैं, जिनके रहस्य आज तक सुलझाए नहीं जा सके हैं। इसी बीच हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे इंजीनियरिंग का चमत्कार कहा जाता है। इस मंदिर को बनने में 40 साल का समय लग गया, लेकिन जब यह मंदिर बनकर तैयार हुआ तो दुनिया देखती रह गई। मंदिर का निर्माण आज से लगभग साढ़े 6 सौ साल पहले 1213 ईस्वी में किया गया था। हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं उसका नाम काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर है।
यूनेस्को विश्व धरोहर की सूची में शामिल
काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर को रामप्पा मंदिर के नाम से भी जानते हैं। तेलंगाना के मुलुगु जिले के पालमपेट गांव में यह चमत्कारी मंदिर स्थित है। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर को 13वीं सदी की इंजीनियरिंग का चमत्कार कहा जाता है। आपको बता दें कि इस मंदिर को यूनेस्को विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया गया है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस मंदिर के स्तंभ से संगीत की आवाज आती है। मंदिर के एक स्तंभ पर आपको भगवान कृष्ण की मूर्ति दिख जाएगी।
पानी में तैर सकती हैं मंदिर की ईंटें
आप देख सकेंगे कि वह एक पेड़ पर बैठकर बांसुरी बजा रहे हैं। यह मूर्ति भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोपिका वस्त्रापहरण की कहानी दर्शाता है। जैसे ही भगवान कृष्ण की मूर्ति पर टैप किया जाता है, वैसे ही इसमें से सप्तस्वर यानि (सा, रे ग, म, प, ध और नि) की ध्वनि सुनाई देने लगती है। इसके अलावा एक ऐसा खंभा है, जिस पर बहुत ही बारीक नक्काशी है। चूड़ी जैसे आकार की नक्काशी में 13 छेद बने हुए हैं। इन छिद्रों से सिर्फ सुई ही गुजर सकती है। 13वीं शताब्दी में इस छेद को कैसे किया गया होगा, यह हैरान करने वाली बात है। इसके अलावा मंदिर के गोपुरम को खास ईंटों से बनाया गया है। यह ईंटें इतनी हल्की हैं कि पानी में तैर सकती हैं। बता दें कि इस मंदिर को प्रसिद्ध मूर्तिकार रामप्पा ने 40 सालों में बनाकर तैयार किया था। मंदिर के मुख्य वास्तुकार होने के कारण इस मंदिर का उनके ही नाम पर रामप्पा रखा गया है।
