वायरल न्यूज़

रोबोट है या जानी दुश्मन! इंसान को ही समझ लिया कचरे का डिब्बा, फिर कुचलकर सुला दी मौत की नींद

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Nov 10, 2023, 02:01 PM IST

इन दिनों लोग रोबोटिक साइंस पर अधिक ध्यान दे रहे हैं और अपनी सुविधा के लिए नए-नए रोबोट बना रहे हैं। लेकिन ऐसे ही एक रोबोट ने कंफ्यूज होकर एक शख्स की जान ले ली।

Image

कंफ्यूजन के चलते रोबोट ने की शख्स की हत्या (Image Credit - iStock)

KEY HIGHLIGHTS
  • रोबोट ने इंसान को समझ लिया था डिब्बा
  • रोबोट ने ली शख्स की जान
  • कंफ्यूजन के चलते किया था हमला

Robot Killed A South Korean Man: आज के समय में साइंस कितना तरक्की कर चुका है, इस बात का अंदाजा शायद ही कोई लगा पाए। अब इंसान अपनी सुविधा के लिए उपकरणों की फौज खड़ी कर दे रहा है। कुछ ऐसा ही रोबोट भी है, जिसने इधर बीच इंटरनेशनल मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी है। लेकिन कहते हैं ना कि मशीन है खराब होना आम बात है।

दक्षिण कोरिया में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब एक शख्स रोबोट की जांच करने के लिए पहुंचा तो उस वक्त शख्स के हाथ में सब्जी का थैला था। अब ऐसे में रोबोट को कंफ्यूजन हो गई और कंफ्यूज होकर रोबोट में शख्स को सब्जी से भरा बॉक्स समझ बैठा और फिर उसे लगा कि उस बॉक्स को वहां से हटा देना चाहिए। ऐसे में वह उस शख्स को उठाकर बाहर फेंक दिया और कई बार कुचलने की भी कोशिश की, जिससे उसका चेहरा और सीना बुरी तरह कुचल गया और अस्पताल पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया।

कंफ्यूजन के चलते रोबोट ने की शख्स की हत्या

दक्षिण कोरिया की न्यूज एजेंसी योनहाप के अनुसार, इस घटना को लेकर पुलिस ने जांच बैठा दी है और वहां के सेफ्टी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया और उस पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। मामले में पुलिस का कहना है कि तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हुआ है। फिलहाल, मामले में जांच की जा रही है। बता दें, ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी खबरें आ चुकी हैं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

और पढ़ें
End of Article