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Ajab Gajab: बीच पर मिला मौत का खजाना! साइनाइड से 1200 गुना ज्यादा जहरीला जीव देख उड़े लोगों के होश, जानें सच्चाई

Ajab Gajab: हाल ही में यूके के डोर्सेट बीच पर एक बेहद खतरनाक और जानलेवा जीव मिलने से हड़कंप मच गया है। यह जीव कोई और नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे जहरीली मछलियों में शुमार पफर फिश है।

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बीच पर अजीबोगरीब जीव देखकर हैरान हुए लोग (तस्वीर साभार- AI)

Ajab Gajab: अक्सर समंदर किनारे लोग सुकून के पल बिताने, टहलने या ठंडी हवा का आनंद लेने जाते हैं। लेकिन जरा सोचिए आप रेत पर चल रहे हों और आपके सामने कोई ऐसा जीव आ जाए जिसके शरीर का एक छोटा सा हिस्सा भी इंसान की पलक झपकते जान ले सकता है। ब्रिटेन के प्रसिद्ध डोर्सेट बीच पर इन दिनों कुछ ऐसा ही खौफनाक नजारा देखने को मिला है। समुद्र की लहरों के साथ बहकर एक ऐसी मछली तट पर आ लगी, जिसे दुनिया के सबसे जहरीले जीवों में गिना जाता है। आइए, जानते हैं पूरा मामला?

इस मछली का नाम पफर फिश है, जिसे लोग प्यार से या इसके अजीब रूप की वजह से 'ग्लोब फिश' या 'बैलून फिश' भी कहते हैं। दिखने में यह भले ही शांत या गोल-मटोल और कई लोगों को अनोखी लगे, लेकिन इसके अंदर मौत का ऐसा खजाना छुपा है जो अच्छे-अच्छे सूरमाओं को पानी पिला सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, पफर फिश के शरीर में टेट्रोटॉक्सिन नाम का एक अत्यंत शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है। यह जहर साइनाइड की तुलना में 1,200 गुना अधिक घातक होता है। इसका मतलब यह है कि अगर इस जहर की बहुत सूक्ष्म मात्रा भी किसी इंसान के शरीर में चली जाए, तो कुछ ही मिनटों में सांस की नली ब्लॉक हो सकती है, लकवा मार सकता है और व्यक्ति की मौत हो सकती है। हैरानी की बात यह है कि इस जहर का कोई सर्वमान्य एंटीडोट यानी काट भी आसानी से उपलब्ध नहीं है। पीड़ित को केवल वेंटिलेटर और मेडिकल सपोर्ट के सहारे ही बचाया जा सकता है।

दहशत में लोग

वहीं, इस मामले को लेकर प्रशासन और पर्यावरणविदों ने डोर्सेट बीच के आसपास रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सख्त हिदायत दी है। यदि समुद्र किनारे टहलते समय आपको कोई ऐसी अजीबोगरीब मछली या जीव दिखे, तो भूलकर भी उसे न छुएं। स्थानीय वॉकर्स और बीच अथॉरिटीज ने तुरंत इसकी सूचना पर्यावरण विभाग को दी है ताकि तट से इस खतरनाक मेहमान को सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके। सवाल यह उठता है कि आखिर पफर फिश ब्रिटेन के ठंडे समुद्री तटों तक कैसे पहुंच गई? आम तौर पर यह मछली गर्म और उष्णकटिबंधीय समुद्रों में पाई जाती है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि क्लाइमेट चेंज और समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण समुद्री जीवों के रहने और तैरने के रास्ते बदल रहे हैं।

Kaushlendra Pathak
कौशलेंद्र पाठकauthor

कौशलेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कार्यरत हैं। मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उनका सफर ग्राउंड रिपोर्टिंग से डिजिटल डेस्क तक फैला, जहां उन्होंने कंटेंट की विविध शैलियों को नजदीक से समझा। अजब-गजब, अनोखी, सोशल और ट्रेंडिंग कंटेंट पर उनकी गहरी पकड़ और तेज न्यूज सेंस ने उन्हें डिजिटल दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कौशलेंद्र का ध्यान हमेशा ऐसे कंटेंट पर रहता है जो रीडर्स को नई, दिलचस्प और अनजानी कहानियों से रूबरू कराए—हर बार कुछ अलग, कुछ नया।

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