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भारत की ये गाय है कलयुग की कामधेनु! महज 18 महीने की उम्र से दे रही दूध, एक बार भी नहीं बनी मां

मध्य प्रदेश के सीधी से एक गाय की वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक अनोखी गाय नजर आ रही है, जिसे कलयुग की कामधेनु कहा जा रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर इसके पीछे की क्या कहानी है?

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ये है कलयुग की कामधेनु

KEY HIGHLIGHTS
  • ये है कलयुग की कामधेनु
  • 18 महीने की उम्र से दे रही दूध
  • अभी तक एक बार भी नहीं बनी मां

Kamdhenu Of Kalyug: भारत में ऐसे कई गाय-भैंस हैं, जिनके आगे विज्ञान भी हार जाता है। कुछ तो हद से ज्यादा दूध देने के लिए फेमस हैं तो कुछ अपने फूर्तीलेपन और ताकत के चलते जाने जाते हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के सीधी जिले से सामने आया है, जहां एक ऐसी गाय है, जिसे कलयुग की कामधेनु कहा जा रहा है। इस गाय को लोग भगवान का चमत्कार मान रहे हैं। क्योंकि कामधेनु गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है।

सीधी जिले के जिस अनोखे गाय के बारे में आज हम बात कर रहे हैं, वह गाय साढ़े 5 साल से बिना किसी बच्चे को जन्म दिए लगातार दूध दे रही है। जिले के सिहावल अंतर्गत डमक पंचायत की इस गाय चर्चे काफी दूर तक हैं। ये गाय हर रोज सुबह-शाम 4 से 5 लीटर दूध देती है। इस गाय की खास बात यह है कि यह अभी तक एक बार भी मां नहीं बनी है। वर्तमान समय में इस गाय की उम्र सात साल बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि 18 महीने की उम्र से ही इस गाय ने दूध देना शुरू कर दिया था।

साहीवाल नस्ल की गाय

गाय पालक आशुतोष तिवारी का कहना है कि यह गाय जन्म के समय से ही काफी अलग थी। मार्च 2019 में ये 18 महीने की हुई और तभी से इसके थनों में दूध आने लगा। उन्होंने बताया कि ये गाय साहीवाल नस्ल की है। इसके अलावा उनके पास एक देसी गाय और एक साहीवाल नस्ल की गाय और है। आशुतोष इस गाय को कपिला कहकर बुलाते हैं। यह बाहरी व्यक्ति को पसंद नहीं करती। जबकि घर के किसी भी सदस्य को इससे कोई दिक्कत नहीं होती।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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