बिजनेस

LTCG टैक्स खत्म होगा या नहीं? सरकार ने संसद में बताया प्लान, कमाई का हिसाब भी दिया

शेयर बाजार के निवेशक लंबे समय से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को हटाने या कम करने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने फिलहाल संसद में LTCG पर अपना रुख साफ किया है।

Image

लॉन्गटर्म कैपिटल गेन पर सरकार का रुख साफ

Government on LTCG in Parliament : शेयर बाजार में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशकों के लिए सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। लंबे समय से उठ रही Long Term Capital Gains (LTCG) Tax हटाने की मांग पर केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यानी इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर लगने वाला LTCG टैक्स जारी रहेगा।

लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार समय-समय पर बजट प्रक्रिया के दौरान टैक्स व्यवस्था की समीक्षा करती है, लेकिन इस समय LTCG टैक्स हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

क्यों उठ रही थी LTCG टैक्स हटाने की मांग?

बाजार के कई विशेषज्ञ और निवेशक लंबे समय से मांग कर रहे थे कि इक्विटी निवेश पर LTCG टैक्स खत्म किया जाए। उनका तर्क था कि इससे बाजार का निवेशक भरोसा बढ़ेगा, घरेलू निवेशकों को राहत मिलेगी और विदेशी व भारतीय निवेशकों के बीच समान अवसर सुनिश्चित होंगे। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल इस दिशा में कोई फैसला नहीं लिया गया है।

आय का बड़ा स्रोत

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी निवेश पर LTCG टैक्स से मिलने वाला राजस्व लगातार बढ़ा है। पिछले दो साल में सरकार को LTCG से ₹2.01 लाख करोड़ का टैक्स मिला है। इसमें आकलन वर्ष 2024-25 (वित्त वर्ष 2023-24) के दौरान ₹72,249 करोड़ और आकलन वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) के दौरान ₹1,29,158 करोड़ मिले हैं। यह भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है कि सरकार फिलहाल इस टैक्स को हटाने के पक्ष में नहीं दिख रही।

कितना लगता है LTCG टैक्स?

मौजूदा नियमों के मुताबिक लिस्टेड शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर 12.5% LTCG टैक्स लगता है। एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर कोई टैक्स नहीं देना होता। वहीं, ₹1.25 लाख से अधिक के लाभ पर 12.5% टैक्स लागू होता है।

कब लगता है LTCG?

यदि कोई निवेशक सूचीबद्ध शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड 12 महीने से अधिक समय तक होल्ड करता है और फिर बेचता है, तो उससे होने वाला लाभ Long Term Capital Gain माना जाता है।

क्या विदेशी निवेशकों को मिली है छूट?

संसद में यह सवाल भी पूछा गया कि क्या Foreign Portfolio Investors (FPIs) को LTCG टैक्स से छूट दी गई है, जबकि घरेलू निवेशकों से टैक्स लिया जा रहा है। सरकार ने इसका जवाब 'नहीं' में दिया। सरकार का कहना है कि घरेलू निवेशकों और रिटेल निवेशकों की तरह ही FPIs के लिए इक्विटी पर LTCG टैक्स की दर समान यानी 12.5% है। हालांकि, हाल ही में सिर्फ सरकारी बॉन्ड (Government Securities) में FPI निवेश पर मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ को आयकर से छूट दी गई है। लेकिन, यह छूट इक्विटी निवेश पर लागू नहीं होती।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

    और पढ़ें
    End of Article