Kal Ka Mausam 21 July 2026: देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार में नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने 21 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है, जबकि पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो मानसून की द्रोणिका (Monsoon Trough) इस समय अपने सामान्य स्थान पर स्थित है। इसके अलावा पंजाब और आसपास के क्षेत्रों, दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भाग, उत्तर झारखंड से सटे बिहार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान तथा मध्य असम एवं नागालैंड के आसपास निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बने हुए हैं। वहीं उत्तर झारखंड और उससे सटे बिहार के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण से त्रिपुरा तक एक ट्रफ फैली हुई है। दूसरी ओर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जहां से उत्तर-पूर्व अरब सागर तक एक ट्रफ विस्तारित है। इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली में कल का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार कल 21 जुलाई को दिल्ली में पूरे दिन आसमान में बादलों का डेरा रहने की संभावना है। सुबह से दोपहर के बीच अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के कई दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दिन के बाकी समय एक-दो बार हल्की या बेहद हल्की बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान राजधानी का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान भी कई इलाकों में सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे रह सकता है। वहीं कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज होने की संभावना जताई गई है। हवाओं की बात करें तो सुबह के समय दक्षिण-पूर्व दिशा से लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। दोपहर में हवा का रुख पूर्व दिशा की ओर हो जाएगा और इसकी गति बढ़कर करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं शाम और रात के दौरान हवा पश्चिम दिशा से चलेगी और इसकी रफ्तार घटकर लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई को उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी तथा कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
बिहार में कल के मौसम का हाल
वहीं बिहार में भी 21 जुलाई को मानसून का असर पूरी तरह बना रहेगा और राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। खासकर कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है, जबकि अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
राजस्थान में इस हफ्ते फिर से शुरू हो सकती है बरसात
मौसम विभाग ने बताया है कि राजस्थान में मानसून के असर से बारिश की गतिविधियों के इस सप्ताह फिर जोर पकड़ने की उम्मीद है और कई इलाकों में वर्षा होने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से राज्य में मानसून कमजोर पड़ रहा है। IMD जयपुर के अनुसार कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर संभाग के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में 21 जुलाई से बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं, 22-23 जुलाई से कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर व उदयपुर संभाग के कुछ और भाग में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने व कहीं कहीं मध्यम से तेज बारिश होने की उम्मीद है। इसी तरह, 22 से 28 जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भाग में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।
मध्य भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 जुलाई और फिर 25 से 26 जुलाई के बीच कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है, जबकि 22 से 24 जुलाई के दौरान यहां कई स्थानों पर व्यापक बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 21 से 26 जुलाई तक अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं विदर्भ में 21 से 24 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने का अनुमान है, जबकि 25 और 26 जुलाई को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 24 जुलाई तक तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 जुलाई को गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 से 24 जुलाई, विदर्भ में 21 और 22 जुलाई और छत्तीसगढ़ में 21 से 24 जुलाई के बीच भी गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।
उत्तराखंड और हिमाचल में IMD का बड़ा अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदियों, खड्डों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। वहीं उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश कारण भी जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। ऐसे में IMD ने यहां पर रेड और ऑरेंज जारी किया है। साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन के कारण उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए सोमवार को एहतियातन चारधाम यात्रा अस्थायी तौर पर रोक दी गई।
दक्षिण भारत में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल
दक्षिण भारत में अगले एक सप्ताह तक कई राज्यों में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 से 26 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं केरल, माहे और लक्षद्वीप में 21 से 23 जुलाई के दौरान छिटपुट वर्षा होने के आसार हैं। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 21 से 26 जुलाई तक कई इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है। इसके अलावा 24 से 26 जुलाई के बीच केरल, माहे और लक्षद्वीप में व्यापक वर्षा की संभावना है, जबकि तटीय कर्नाटक में 21 से 26 जुलाई तक अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। इस अवधि में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 से 24 जुलाई तक गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों, केरल और तेलंगाना में भी अलग-अलग दिनों में गरज-चमक के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
