Ajab Gajab: एक चीनी नागरिक को माउंट फूजी की ढलानों से एक हफ्ते के अंदर दो बार बचाया गया। दावा है कि, वह अपना फोन वापस लेने के लिए पहाड़ की चोटी पर लौटा था। द इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 27 वर्षीय यह व्यक्ति जापान में रह रहा था और एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा था, तब उसने पहली बार ऑफ सीजन में देश की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने का फैसला किया। पहली बार उस व्यक्ति को फुजिनोमिया ट्रेल पर हवाई मार्ग से लाया गया था, जो समुद्र तल से लगभग 3,000 मीटर ऊपर पहाड़ के शिज़ुओका प्रान्त की ओर स्थित है। इसके बाद वो चार दिन दोबारा अपना सामान वापस पाने के लिए उस पहाड़ पर चढ़ गया जहां से उसे फिर बचाया गया।
बता दें कि, यह अभी भी पता नहीं चल पाया है कि वह अपना फोन वापस पाने में सफल रहा या नहीं लेकिन बचाव अधिकारियों ने शीघ्र ही पहचान लिया कि वह वही व्यक्ति था जिसे उन्होंने कुछ दिन पहले बचाया था। शिजुओका प्रान्तीय पुलिस के पर्वतीय बचाव अधिकारी उस व्यक्ति को स्ट्रेचर पर वापस लाए और उसे अग्निशमन विभाग को सौंप दिया। एक पुलिस प्रवक्ता ने मीडिया को बताया, उन्हें ऊंचाई से संबंधित बीमारी होने का संदेह था और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
गौरतलब है कि, माउंट फूजी वर्ष के अधिकांश भाग में बर्फ से ढका रहता है, मगर गर्मियों में पर्वतारोहण के दौरान कई प्रोफेशनल और शौकिया पर्वतारोही सूर्योदय देखने के लिए रात भर इसकी खड़ी, चट्टानी ढलानों पर चढ़ते हैं। पर्वतारोहण का मौसम पारंपरिक रूप से 1 जुलाई से शुरू होता है और सितंबर तक चलता है, जिसमें सालाना 200,000 से अधिक पर्वतारोही शिखर पर चढ़ने का प्रयास करते हैं। अधिकारी आमतौर पर पर्वतारोहियों को ऑफ-सीजन के दौरान माउंट फूजी पर चढ़ने से हतोत्साहित करते हैं क्योंकि विषम परिस्थितियों में मृत्यु या चोट लगने का खतरा रहता है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक इस पर्वत शिखर पर आते हैं जिससे वहां भीड़भाड़ हो जाती है। स्थानीय अधिकारियों ने पिछले महीने एक विधेयक पारित किया है। माउंट फूजी के चार मुख्य मार्गों में से किसी पर भी जाने वाले पर्वतारोहियों से 2,333 रुपये (4,000 येन) का प्रवेश शुल्क लिया जाएगा। फूजी की शानदार ढलानों पर सुरक्षा और पर्यावरणीय क्षति के बारे में चिंतित अधिकारियों ने उस मार्ग पर दैनिक प्रवेश और ऑनलाइन आरक्षण की सीमा भी तय कर दी थी।
