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Ajab Gajab: स्लिम ऑर फैट, ब्लैक ऑर व्हाइट, वर्जिन ऑर नॉट.. ऑटो रिक्शा पर लिखे अनोखे स्लोगन से सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

सोशल मीडिया पर बेंगलुरु के एक ऑटोरिक्शा की तस्वीर काफी वायरल हो रही है। दरअसल, इस तस्वीर में ऑटोरिक्शा पर लिखे स्लोगन के कारण ऐसा हुआ है। आइए जानते हैं कि इस स्लोगन में ऐसा क्या लिखा हुआ है..

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ऑटोरिक्शा पर लिखा अनोखा स्लोगन वायरल (X)

KEY HIGHLIGHTS
  • ऑटोरिक्शा पर लिखा अनोखा स्लोगन
  • स्लोगन पढ़कर रह जाएंगे दंग
  • जमकर वायरल हो रही ये तस्वीर

Bengaluru Auto Rickshaw Slogan: कहीं आने-जाने के लिए आप कैब या ऑटोरिक्शा का सहारा लेते हैं। ऐसे में कई बार आपने देखा होगा कि ऑटोरिक्शा पर कुछ स्लोगन लिखे रहते हैं- कुछ अतरंगी तो कुछ मजेदार। ऐसी ही एक तस्वीर हम आपके लेकर आए हैं, जिसे देख आप थोड़ा सोच में पड़ जाएंगे। दरअसल, इस तस्वीर में कुछ अनोखी चीज आपको नजर आएगी, जिसे देख आप भी अपना माथा पीटने लगेंगे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस तस्वीर में जो ऑटोरिक्शा नजर आ रहा है। उसके पीछे एक स्लोगन लिखा है - स्लिम ऑर फैट, ब्लैक ऑर व्हाइट, वर्जिन ऑर नॉट, ऑल गर्ल डिजर्व रिस्पेक्ट। अब ऐसे में शख्स द्वारा लिखे इस स्लोगन पर बहस छिड़ गई है। लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग इस स्लोगन को सही मान रहे हैं तो कुछ लोग इस स्लोगन को लेकर शख्स को काफी कुछ सुना भी रहे हैं।

ऑटोरिक्शा पर लिखा अनोखा स्लोगन वायरल

बता दें, यह मामला बैंगलोर का है। किसी ने इसकी तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर शेयर किया है, जिसके बाद से ही बहस छिड़ गई है। जेंडर इक्वेलिटी को लेकर लोगों के तर्क भी देखने को मिल रहे हैं। हालांकि, इस स्लोगन में महिलाओं के सम्मान की बात की जा रही है लेकिन कुछ लोग इसे दूसरे तरीके से भी देख रहे हैं। शेयर किए गए पोस्ट के कैप्शन में लिखा हुआ है - बेंगलुरू की सड़कों पर कुछ कट्टरपंथी नारीवादी।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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