भारत की सबसे साफ ट्रेन? न आदेश, न जुर्माना… फिर भी चमक रही ट्रेन, सोशल मीडिया पर Video Viral
- Authored by: Monu Jha
- Updated Jan 23, 2026, 07:50 AM IST
सोशल मीडिया पर आइजोल से गुवाहाटी जाने वाली ट्रेन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें यात्री खुद अपने कचरे को छोटे बैग में भरकर सीट के पास टांगते नजर आते हैं। बिना किसी निर्देश के लोग सफाई का ध्यान रखते हैं। यह वीडियो दिखाता है कि नॉर्थ ईस्ट के लोग सार्वजनिक जगहों को भी अपना मानते हैं।
न जुर्माना… फिर भी चमक रही ट्रेन, देखें वीडियो (फोटो: Instagram/daily.passenger)
भारत में पब्लिक प्लेस पर सफाई को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। खासकर ट्रेनों में सफर के दौरान गंदगी एक बड़ी समस्या बन जाती है। कई लोग कचरा फैलाकर सारी जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ देते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को @daily.passenger अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो में नजारा आइजोल से गुवाहाटी जाने वाली ट्रेन की है। इसमें यात्री खुद अपने कचरे को छोटे बैग में भरकर सीट के पास टांगते नजर आते हैं। वीडियो बना रहा शख्स अपने वीडियो के पोस्ट लंबी-चौड़ी बातें लिखता है। वह कहता है कि हाल ही में मैं आइजोल से गुवाहाटी तक ट्रेन यात्रा कर रहा था।
यात्री छोटे बैग में बांधे हुए थे अपना कचरा
सफर शुरू होते ही एक बात ने मेरा ध्यान खींच लिया। ट्रेन बेहद साफ-सुथरी थी। यहां तक कि स्लीपर कोच भी अच्छे से मेंटेन किए हुए और संभाले हुए लग रहे थे। लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली चीज कोई बड़ी व्यवस्था नहीं थी, बल्कि लोगों की एक छोटी-सी आदत थी। यात्री अपना कचरा छोटे बैग में बांधकर अपनी सीट के पास टांग देते थे। न कोई घोषणा, न रेलवे का निर्देश, बस एक स्वाभाविक संस्कार। यह साफ-सफाई नियमों या जुर्माने से नहीं, बल्कि लोगों के भीतर से आती हुई दिखी। उत्तर-पूर्व के लोगों के लिए स्वच्छता केवल घर तक सीमित नहीं है।
वे सार्वजनिक जगहों, साझा परिवहन और उन स्थानों को भी अपना मानते हैं जो तकनीकी रूप से उनके नहीं होते। ट्रेन को भी वे अपने लिविंग रूम की तरह सम्मान देते हैं। उत्तर भारत से आने वाले व्यक्ति के रूप में इस अनुभव ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया। हम अक्सर गंदी ट्रेनों और सड़कों की शिकायत करते हैं, लेकिन अपने व्यवहार पर कम ही सवाल उठाते हैं। साफ जगहें केवल प्रशासन से साफ नहीं रहतीं, बल्कि तब साफ रहती हैं जब लोग खुद जिम्मेदारी लेते हैं।
सार्वजनिक स्थानों के प्रति सम्मान कोई अभियान नहीं
मिजोरम और पूरे नॉर्थ ईस्ट से हमें बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। सार्वजनिक स्थानों के प्रति सम्मान कोई अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली है। जब लोग यह मान लेते हैं कि सड़क, ट्रेन, स्टेशन भी उनके अपने हैं, तब गंदगी अपने आप कम हो जाती है। यह अनुभव बताता है कि बदलाव बड़े भाषणों से नहीं, छोटी आदतों से आता है। अगर हम भी अपने आसपास की जगहों को अपना समझकर संभालने लगें, तो देश की तस्वीर खुद-ब-खुद बदल सकती है। वायरल वीडियो देखने के बाद यूजर्स ने भी कई तरह के कमेंट्स किए हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
वायरल (Viral News in Hindi) ट्रेंडिंग और अजब-गजब (Ajab Gajab News) की लेटेस्ट न्यूज और हिन्दी में पढ़ें और Times Now Navbharat Live TV पर देखें। देश-दुनिया की हर ट्रेंडिंग वीडियो (Viral Video) वायरल, शॉकिंग और अनोखी खबरें पढ़ने के लिए जुड़ें रहें Times Now Navbharat के साथ।