वडोदरा: कहते हैं कि कला किसी भी देश की सीमा की मोहताज नहीं होती और अगर दिल में लगन और कला के प्रति समर्पण हो तो धर्म की सीमाएं भी उसे बांध नहीं सकती। ऐसी ही कुछ कहानी है इजिप्ट से गुजरात के बड़ौदा में एमएस यूनिवर्सिटी में पढ़ने आई रेवा अब्देलनासर की। रेवा परफॉर्मिंग आर्ट्स फैकेल्टी में कथक नृत्य में डिग्री होल्डर हैं। रेवा ने महाशिवरात्रि पर्व से पहले भजन संध्या में शिव तांडव नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
यही नहीं रीवा ने वाइब्रेंट गुजरात एजुकेशन समिट 2022 अहमदाबाद में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है। साथ ही आईडीएस वर्ल्ड डेयरी समिट 2022 दिल्ली, त्रिवेणी कला केंद्र द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा, जगन्नाथ धाम पुरी महोत्सव उड़ीसा और इसके अलावा पुणे संस्कृतिक संघ के मंच पर तमाम स्पर्धाओं में भाग लिया है।
राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय दोनों ही पटल पर अपनी कला का लोहा मनवा चुकी रेवा शिव तांडव नृत्य को परम नृत्य मानती हैं। रेवा ने साहित्य उत्सव अहमदाबाद 2023 में हुए कार्यक्रम में अन्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय त्योहारों और स्पर्धाओं में भाग लिया था और अपने तांडव नृत्य से सबका दिल जीत लिया था।
इजिप्ट के एक सामान्य मुस्लिम परिवार में से आई रेवा वडोदरा में पिछले 4 साल से रह कर पढ़ाई कर रहीं हैं। वे बताती हैं कि उनके पिता शिव तांडव नृत्य के विरोध में थे लेकिन उनकी माता के सहयोग से शिव भक्त बन चुकी है साथ ही वे कहती हैं कि भगवान शिव उन्हें खूब प्रिय है और जिस खुशी के साथ वह शिव तांडव नृत्य करती है उससे उनकी आत्मा को खूब भी शांति मिलती है।
