Gyanvapi mosque : ज्ञानवापी मामले में अर्जी सुनवाई योग्य है या नहीं, आज वाराणसी जिला अदालत में अहम सुनवाई 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 26, 2022, 10:06 AM IST

Gyanvapi mosque Case : ज्ञानवापी मामले की सुनवाई पहले वाराणसी के सिविल कोर्ट में चल रही थी। सिविल कोर्ट ने ही मस्जिद परिसर में सर्वे का आदेश दिया जिसके खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी सुप्रीम कोर्ट गई। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी केस को जिला अदालत में ट्रासफर किया।  

Gyanvapi mosque Case : वाराणसी की जिला अदालत में आज ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर विवाद की सुनवाई होगी। जिला अदालत इस बात पर सुनवाई करेगा कि याचिकाएं सुनवाई योग्य हैं या नहीं। ज्ञानवापी पर कोर्ट का आज का फैसला अहम माना जा रहा है। पिछले सुनवाई में जिला अदालत ने हिंदू एवं मुस्लिम दोनों पक्षकारों को आपत्तियों पर अपना हलफनामा एक सप्ताह के भीतर सौंपने के लिए कहा है। साथ ही कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के दौरान हुए वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी की कॉपी दोनों पक्षों को देने के निर्देश दिए। मामले में हिंदू सेना ने भी कोर्ट में अर्जी दायर की है और खुद को पक्ष बनाने की अपील की है।  

कुलपति तिवारी ने याचिका वापस लेने की अफवाह खारिज की
इस बीच काशी विश्वनाथ के पूर्व महंत कुलपति तिवारी ने याचिका वापस लेने की अफवाहों को खारिज किया है। तिवारी ने कहा है कि उन्होंने अपनी अर्जी वापस नहीं ली है। याचिका को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है। तिवारी ने अपनी अर्जी में परिसर में पूजा-पाठ करने की कोर्ट से इजाजत मांगी है। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे पर रोक लगाने एवं यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है। बता दें कि ज्ञानवापी मामले की सुनवाई पहले वाराणसी के सिविल कोर्ट में चल रही थी। सिविल कोर्ट ने ही मस्जिद परिसर में सर्वे का आदेश दिया जिसके खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी सुप्रीम कोर्ट गई। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी केस को जिला अदालत में ट्रासफर किया।  

कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह क्या बोले
आज की सुनवाई पर टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बातचीत में कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने कहा कि जिला अदालत जो फैसला देगी वह सर्वमान्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कोर्ट पहले यह सुनवाई करे कि अर्जी सुनवाई योग्य है या नहीं। इसी आलोक में जिला जज ने 7/11 के तहत सुनवाई करने का आदेश दिया है। विशाल सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है। इस सर्वे पर यदि किसी को आपत्ति है तो वह अपनी शिकायत कर सकता है।   

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