Mathura: महिलाओं पर विवादित बयान देकर फंसे अनिरुद्धाचार्य! प्रशासन की अनदेखी के बाद कोर्ट में सुनवाई तय
- Authored by: Nilesh Dwivedi
- Updated Dec 10, 2025, 02:46 PM IST
वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा महिलाओं पर विवादित बयान देने के मामले में अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। मीरा राठौर ने शिकायत के बावजूद पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई न होने पर न्यायालय का रुख किया। अदालत ने उनकी याचिका को मंजूरी देते हुए मथुरा कोर्ट में सुनवाई की तिथि तय की है।
अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू (फोटो: ट्विटर - @shrianiruddhaji)
Aniruddhacharya Controversy: वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य अक्सर अपने बयानों और अनोखे अंदाज की वजह से सोशल मीडिया में ट्रेंड करके हैं। हाल ही में उनके द्वारा महिलाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक बयान दिए जाने के मामले में अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। कथावाचक ने एक कथा कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के बारे में ऐसा बयान दिया था, जिसे लेकर मीरा राठौर ने वृंदावन पुलिस थाने और एसपी कार्यालय में कई प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद मीरा राठौर ने न्यायालय का रुख किया। अदालत ने उनकी याचिका को उचित ठहराते हुए मामले की सुनवाई मथुरा कोर्ट में 1 जनवरी से शुरू करने का आदेश दिया है। अनिरुद्धाचार्य के बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि "लड़कियां चार जगह मुंह मार के आती हैं," ने कथावाचक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और अब उनका सामना कानूनी प्रक्रिया से करना होगा।
इस मामले पर मीरा राठौर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूरी स्थिति स्पष्ट की। उनके बयान के बाद अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए और लोग अपनी नाराजगी व्यक्त की। अब न्यायालय द्वारा मामले को संज्ञान में लेने के बाद न केवल याचिकाकर्ता मीरा राठौर बल्कि मथुरा के संत समाज ने भी इस कदम को उचित बताया है।
साधु-संतों का कहना है कि अनिरुद्धाचार्य पर केस दर्ज होने से अन्य लोग भी महिलाओं के खिलाफ अनुचित टिप्पणी करने से बचेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि व्यास पीठ भगवान विष्णु का प्रतीक है, और इस सम्माननीय स्थान पर बैठकर किसी भी आचार्य को महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। संत समाज ने न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए इसे एक सकारात्मक संकेत बताया है।