उत्तर प्रदेश

नई नवेली दुल्हन के उड़े होश! जब सुहागरात पर पति ने बताई अपनी सच्चाई, शादी के 3 दिन बाद ही मांगा तलाक

गोरखपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहिता ने शादी के सिर्फ तीन दिन बाद ही तलाक की मांग की। महिला का आरोप है कि उसके पति शादी की रात से ही वैवाहिक संबंध स्थापित करने में असमर्थ थे। इसके बाद परिवार ने मेडिकल जांच कराई और शादी व तोहफों पर किए गए खर्च की वापसी की मांग की।

Bride Seeks Divorce Just Three Days After Marriage in Gorakhpur (Symbolic Photo: iStock)

गोरखपुर में शादी के तीन दिन बाद ही दुल्हन ने तलाक मांगा (सांकेतिक फोटो: iStock)

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Gorakhpur News: यूपी के गोरखपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक नवविवाहिता ने शादी के सिर्फ तीन दिन बाद अपने पति से तलाक की मांग की। महिला का आरोप है कि शादी की रात ही उसके पति ने बताया कि वह शारीरिक रूप से वैवाहिक संबंध स्थापित करने में असमर्थ है। पुलिस के अनुसार, दुल्हन के परिवार ने बताया कि बाद में की गई मेडिकल जांच में यह पुष्टि हुई कि दूल्हा पिता नहीं बन सकता। इसके बाद परिवार ने शादी और तोहफों पर किए गए खर्च की वापसी की मांग की।

महिला ने अपने द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस में कहा है, “मैं उस व्यक्ति के साथ अपना जीवन नहीं बिता सकती जो वैवाहिक संबंधों के लिए शारीरिक रूप से असमर्थ है। यह उसने शादी की रात ही मुझे बताया था।” दूल्हा, जो 25 वर्ष का है, सहजनवा के एक धनी किसान परिवार का इकलौता पुत्र है और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की एक औद्योगिक इकाई में इंजीनियर के रूप में कार्यरत है। परिवार के सूत्रों के अनुसार, दुल्हन का परिवार बेलियापार में रहता है और यह विवाह रिश्तेदारों के माध्यम से तय हुआ था। शादी 28 नवंबर को हुई थी और इसके अगले दिन ही दुल्हन का ‘विदाई’ समारोह संपन्न हुआ।

दुल्हन के परिवार का परिवार का आरोप

यह मामला 1 दिसंबर को सामने आया, जब दुल्हन के पिता पारंपरिक रसम निभाने के लिए उसके ससुराल पहुंचे। दुल्हन ने उन्हें बताया कि दूल्हे ने वैवाहिक संबंध बनाने में चिकित्सकीय रूप से असमर्थ होने की बात स्वीकार की थी। इसके बाद उसे बिना दूल्हे के परिवार को सूचना दिए तुरंत उसके मायके भेज दिया गया। सूत्रों के अनुसार, दोनों परिवार 3 दिसंबर को बेलियापार में एक रिश्तेदार के घर मिले। इस दौरान दुल्हन के परिवार ने दूल्हे के परिवार पर उसकी चिकित्सीय स्थिति छुपाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यह दूल्हे की दूसरी असफल शादी थी, क्योंकि उसकी पहली पत्नी भी शादी के एक महीने के भीतर इसी कारण उसे छोड़कर चली गई थी।

मेडिकल जांच कराने से किया मना

दुल्हन के परिवार के अनुसार, दोनों पक्षों की सहमति से दूल्हे को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में चिकित्सीय जांच के लिए ले जाया गया। जांच में पाया गया कि दूल्हा वैवाहिक संबंध स्थापित करने में चिकित्सीय रूप से असमर्थ है और वह पिता नहीं बन सकता। दुल्हन के परिवार ने बताया कि शुरू में दूल्हे के पिता ने अपने बेटे की मेडिकल जांच कराने से मना कर दिया था। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और शादी के दौरान दिए गए सभी तोहफे और नकदी की वापसी की मांग की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझ गया। दूल्हे के परिवार ने एक महीने के भीतर शादी के खर्च के रूप में सात लाख रुपये और सभी दिए गए उपहार वापस करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने रिश्तेदारों की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। सहजनवा के थाना प्रभारी महेश चौबे ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “दोनों परिवार आपसी संपर्क में हैं और मामला आपसी सहमति से सुलझाया जा रहा है।”

(इनपुट - भाषा)

 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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