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अगर 30 दिनों तक UPI का इस्तेमाल न करें तो होगा? Cash से खर्च करने पर कितना पैसा बचेगा

आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति यूपीआई का इस्तेमाल कर रहा है। क्या हो अगर कोई व्यक्ति 30 दिनों तक यानी एक महीने तक यूपीआई का इस्तेमाल न करे और सारे खर्च कैश से ही मैनेज करे।

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1 महीना UPI न करें इस्तेमाल तो क्या होगा (Photo: iStock)

आज के समय में UPI हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। चाय-कॉफी से लेकर किराने का सामान, कैब, ऑनलाइन शॉपिंग और बिल पेमेंट तक, ज्यादातर छोटे-बड़े खर्च मोबाइल से कुछ सेकंड में हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर 30 दिनों तक UPI का इस्तेमाल बिल्कुल न किया जाए और सभी छोटे खर्च कैश से किए जाएं, तो आपकी खर्च करने की आदत कितनी बदल सकती है?

Cash से खर्च करने पर खर्च का एहसास ज्यादा

UPI से पेमेंट करते समय पैसे खर्च होने का एहसास कम हो सकता है। मोबाइल पर कुछ टैप करते ही पेमेंट हो जाता है और कई बार छोटे-छोटे खर्चों पर ध्यान भी नहीं जाता। वहीं कैश में भुगतान करने पर आपको अपनी जेब से नोट निकालने पड़ते हैं। इससे हर खर्च का एहसास थोड़ा ज्यादा होता है और गैर-जरूरी खरीदारी पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

हर महीने कितने रुपये की होगी बचत

मान लेते हैं कि कोई व्यक्ति UPI से रोजाना औसतन 200 रुपये ऐसे खर्च कर देता है, जिन पर वह ज्यादा ध्यान नहीं देता। इसमें बाहर की चाय-कॉफी, स्नैक्स, ऑनलाइन छोटी खरीदारी या दूसरे छोटे खर्च शामिल हो सकते हैं। 30 दिनों में यह रकम 6,000 रुपये हो सकती है।

अब अगर वही व्यक्ति पूरे महीने कैश का इस्तेमाल करे और खर्च करने से पहले बजट तय करता है तो वह रोजाना के गैर-जरूरी खर्च को घटाकर 150 रुपये कर सकता है। इस तरह महीने में उसका खर्च करीब 4,500 रह सकता है। यानी सिर्फ खर्च करने के तरीके में बदलाव 1500 रुपये की बचत हो जाती है। कुछ स्थितियों में यह बचत इससे भी अधिक हो सकती है।

क्या हर व्यक्ति के इतने पैसे बचेंगे?

हालांकि, हर व्यक्ति के लिए बचत की रकम एक नहीं होगी। UPI बंद करने से अपने आप पैसे की बचत नहीं होती। असली फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि व्यक्ति पहले कितना खर्च करता था और कैश इस्तेमाल करने के बाद अपनी खरीदारी पर कितना नियंत्रण रखता है।

30 दिन का Cash Challenge क्यों लें?

30 दिनों तक कैश से खर्च करने का एक्सपेरिमेंट आपको यह समझने में मदद कर सकता है कि आपका पैसा किन छोटी-छोटी चीजों पर जा रहा है। महीने की शुरुआत में एक तय रकम निकालकर अलग-अलग खर्चों का बजट बनाया जा सकता है। महीने के अंत में बची रकम देखकर आप अपनी खर्च करने की आदत का बेहतर अंदाजा लगा सकते हैं। हालांकि, UPI पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। इसका इस्तेमाल जरूरी बिल, ऑनलाइन भुगतान और ऐसे खर्चों के लिए किया जा सकता है जहां कैश सुविधाजनक नहीं है। असली मकसद UPI को बंद करना नहीं, बल्कि बिना सोचे-समझे होने वाले छोटे खर्चों पर नियंत्रण रखना है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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