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ट्रेन में मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग को लेकर क्या है नियम? सफर से पहले जान लें सच

चार्जिंग पॉइंट यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं, इसलिए उनका जिम्मेदारी से उपयोग करना सभी की जिम्मेदारी है। जरूरत भर चार्जिंग करें, दूसरे यात्रियों का भी ध्यान रखें और केवल छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का ही उपयोग करें।

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ट्रेन में मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग को लेकर क्या है नियम? सफर से पहले जान लें सच/Photo-AI

ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चार्ज करना आज लगभग हर यात्री की जरूरत बन चुका है, हालांकि कई बार चार्जिंग पॉइंट के गलत इस्तेमाल को लेकर यात्रियों के बीच विवाद भी देखने को मिलता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि भारतीय रेलवे चार्जिंग सुविधाओं को लेकर क्या नियम और सलाह देता है।

यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं चार्जिंग पॉइंट

भारतीय रेलवे की अधिकांश मेल, एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों के स्लीपर, एसी और चेयर कार कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के लिए चार्जिंग सॉकेट उपलब्ध कराए जाते हैं। इनका उद्देश्य यात्रा के दौरान आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने की सुविधा देना है।

जरूरत के अनुसार करें इस्तेमाल

रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि चार्जिंग पॉइंट का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार करें। मोबाइल पूरी तरह चार्ज हो जाने के बाद चार्जर निकाल दें, ताकि दूसरे यात्री भी इस सुविधा का उपयोग कर सकें। लंबे समय तक चार्जिंग पॉइंट पर कब्जा बनाए रखना अन्य यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

हाई-पावर उपकरण चलाने की अनुमति नहीं

चार्जिंग सॉकेट केवल छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप के लिए बनाए गए हैं। इन पर इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन कुकर, हीटर, इस्त्री या अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरण चलाना नियमों के खिलाफ है। ऐसा करने से बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकता है।

चार्जिंग के दौरान रखें सावधानी

यात्रा के दौरान चार्जिंग करते समय कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है। क्षतिग्रस्त चार्जर या टूटी हुई केबल का इस्तेमाल न करें। चार्जिंग के दौरान मोबाइल या लैपटॉप को ऐसी जगह न छोड़ें, जहां वह गिर सकता हो या चोरी होने की आशंका हो। यदि चार्जिंग पॉइंट से स्पार्किंग, जलने की गंध या कोई तकनीकी खराबी दिखाई दे, तो तुरंत ट्रेन स्टाफ को इसकी सूचना दें।

सभी ट्रेनों में एक जैसी सुविधा नहीं

हालांकि अधिकांश लंबी दूरी की ट्रेनों में चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होते हैं, लेकिन सभी ट्रेनों और सभी कोचों में एक जैसी व्यवस्था होना जरूरी नहीं है। कुछ पुराने कोचों या छोटी दूरी की ट्रेनों में चार्जिंग सुविधा सीमित हो सकती है। इसलिए यदि यात्रा के दौरान फोन या लैपटॉप की जरूरत अधिक है, तो पावर बैंक साथ रखना बेहतर विकल्प हो सकता है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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