यूटिलिटी

यूपी सरकार ने बदला पावर ऑफ अटॉर्नी वाली प्रॉपर्टी का नियम, जानिए आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर

Power of Attorney: उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी खबर आई है। ये पूरा मामला प्रॉपर्टी के बिक्री से जुड़ा हुआ है। दरअसल, योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में ब्लड रिलेशन यानी करीबी रिश्तेदारों से अलग लोगों को अचल संपत्ति देने को लेकर नया नियम बना दिया है।

Image

यूपी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में प्रस्ताव को मिली मंजूरी

Photo : iStock

Power of Attorney Stamp Duty: उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी खबर आई है। ये पूरा मामला प्रॉपर्टी के बिक्री से जुड़ा हुआ है। दरअसल, योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में ब्लड रिलेशन यानी करीबी रिश्तेदारों से अलग लोगों को अचल संपत्ति देने को लेकर नया नियम बना दिया है। इसके तहत अगर आप अपनी संपत्ति ब्लड रिलेशन से बाहर के लोगों को देते हैं तो अब आपको पावर ऑफ अटॉर्नी पर भी रजिस्ट्री के बराबर ही स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होगी। बताते चलें कि इससे पहले ये सारा काम सिर्फ 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर पावर ऑफ अटॉर्नी से ही हो जाता था।

यूपी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में प्रस्ताव को मिली मंजूरी

बताते चलें कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में कई प्रोपोजल्स को मंजूरी दी है, इसी के तहत ये नियम भी बनाया गया है। यूपी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में स्टाम्प एक्ट प्रोविजन में बदलाव के प्रोपोजल को मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत अब ब्लड रिलेशन के बाहर किसी दूसरे व्यक्ति को प्रॉपर्टी दी जाती है तो उसे पावर ऑफ अटॉर्नी पर रजिस्ट्री के बराबर स्टाम्प ड्यूटी देना होगा। सरकार के इस नए नियम से अब आपको प्रॉपर्टी के हिसाब से स्टाम्प ड्यूटी की फीस देनी होगी।

प्रॉपर्टी की खरीब-बिक्री के लिए ढीली करनी होगी जेब

इस लिहाज से ब्लड रिलेशन के बाहर प्रॉपर्टी देने पर पावर ऑफ अटॉर्नी पर भी आपकी प्रॉपर्टी के मार्केट रेट के हिसाब से स्टाम्प ड्यूटी देनी होगी। इससे पहले अगर आप ब्लड रिलेशन के बाहर भी किसी व्यक्ति को प्रॉपर्टी देते थे तो पावर ऑफ अटॉर्नी पर सिर्फ 50 रुपये की स्टाम्प ड्यूटी पर रजिस्ट्रेशन हो जाता था। लेकिन सरकार के नए नियम के बाद ये सुविधा बंद हो जाएगी और अब लोगों को प्रॉपर्टी की खरीब-बिक्री पर ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

और पढ़ें
End of Article