केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट है। दरअसल, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनवरी 2025 में बड़ी घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। इस आयोग से लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनहोल्डर्स को फायदा होगा। हालांकि, इस घोषणा के नौ महीने बाद भी आयोग की आधिकारिक अधिसूचना, टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) और सदस्यों की नियुक्ति पर कोई अपडेट नहीं आया है। कर्मचारी अभी भी इसके लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे मे आइए पिछले रिकॉर्ड से जानते हैं आखिर कब 8वां वेतन आयोग लागू होगा और कब कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा?
क्यों होता है आयोग का गठन?
वेतन आयोग का मुख्य काम केंद्रीय कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करना और उसमें सुधार की सिफारिश करना होता है। यह आयोग कई पहलुओं पर विचार करता है, जैसे महंगाई, देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति और आय में असमानता। इसके अलावा, कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस, भत्ते और अन्य लाभों की भी समीक्षा इस आयोग के दायरे में आती है। रिपोर्ट तैयार होने और सरकार की मंजूरी मिलने में आमतौर पर दो से तीन साल का समय लगता है। यही कारण है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने में अभी और समय लग सकता है।
इस आयोग से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलेगा। लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी, जिनमें रक्षाकर्मी भी शामिल हैं, वेतन संशोधन का फायदा उठाएंगे। इसके अलावा, 65 लाख पेंशनभोगी, जिनमें रक्षा सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं, वेतन सुधार के बाद बेहतर जीवन स्तर का अनुभव करेंगे।
पिछले रिकॉर्ड से जानें कब बढ़ेगी सैलरी
अगर हम पिछले आयोगों पर नजर डालें, तो उनका समय-रेखा काफी लंबा रहा है। उदाहरण के लिए, 5वें वेतन आयोग को अप्रैल 1994 में नियुक्त किया गया और इसकी रिपोर्ट जनवरी 1997 में सरकार को सौंप दी गई। इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 1996 से लागू हुईं। इस आयोग ने वेतनमान को सरल किया और महंगाई राहत प्रदान की।
इसके बाद, 6वें वेतन आयोग का गठन अक्टूबर 2006 में हुआ। यह अपनी रिपोर्ट मार्च 2008 में सरकार को सौंप पाया और अगस्त 2008 में इसे मंजूरी मिली। इसके तहत न्यूनतम मासिक वेतन 7,000 रुपये तय हुआ, जो पिछले आयोग से 4,450 रुपये अधिक था। इस आयोग ने सरकारी वेतन में बड़ा बदलाव किया और पे-बैंड तथा ग्रेड पे की व्यवस्था लागू की।
कब लागू हुआ 7वां वेतन आयोग?
7वें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में हुआ और इसके ToR मार्च 2014 तक तय कर लिए गए। आयोग ने अपनी रिपोर्ट नवंबर 2015 में सरकार को सौंपी और सरकार ने जून 2016 में इसे मंजूरी दी। इसकी सिफारिशें जनवरी 2016 से लागू हुईं। इन उदाहरणों से पता चलता है कि वेतन आयोग की प्रक्रिया में हमेशा समय लगता है और कर्मचारियों को बदलाव का लाभ पाने में लंबा इंतजार करना पड़ता है।
