क्रेडिट कार्ड (Credit Card) आज के समय में केवल पेमेंट का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह रिवॉर्ड्स, कैशबैक, ट्रैवल बेनिफिट्स और कई दूसरी सुविधाएं भी देता है। हालांकि, ज्यादातर क्रेडिट कार्ड के साथ जॉइनिंग फीस और सालाना शुल्क (Annual Fee) देना पड़ता है। ऐसे में लगभग हर दूसरा कार्डधारक चाहता है कि उसका कार्ड Lifetime Free बन जाए, ताकि भविष्य में कोई वार्षिक शुल्क न देना पड़े। लेकिन क्या बैंक हर ग्राहक को यह सुविधा देते हैं? आखिर बैंक किस आधार पर तय करते हैं कि किसी ग्राहक का क्रेडिट कार्ड लाइफटाइम फ्री किया जाए? आइए जानते हैं-
इन ग्राहकों को मिलती है ये सुविधा
दरअसल, बैंक किसी क्रेडिट कार्ड को लाइफटाइम फ्री बनाने का फैसला केवल ग्राहक को खुश करने के लिए नहीं करते, बल्कि यह उनकी कस्टमर रिटेंशन (Customer Retention) रणनीति का हिस्सा होता है। नए ग्राहक जोड़ने की तुलना में पुराने और भरोसेमंद ग्राहक को बनाए रखना बैंकों के लिए अधिक फायदेमंद माना जाता है। यही कारण है कि कई बार जब कोई ग्राहक अपना क्रेडिट कार्ड बंद करवाने की बात करता है, तो बैंक उसे रोकने के लिए कार्ड को Lifetime Free करने या वार्षिक शुल्क माफ करने का प्रस्ताव दे सकते हैं।
इन लोगों के लिए बढ़ जाती है संभावना
बैंक आमतौर पर उन ग्राहकों को प्राथमिकता देते हैं, जिनका रीपेमेंट रिकॉर्ड शानदार होता है। अगर आपने हमेशा समय पर अपने क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाया है और कभी भुगतान में चूक नहीं की है, तो आपके लिए ऐसे ऑफर मिलने की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा, नियमित रूप से कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को भी बैंक अधिक महत्व देते हैं, क्योंकि बैंक को कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन, इंटरचेंज फीस, ईएमआई कन्वर्जन और अन्य सेवाओं से भी आय होती है।
कई बैंक ऐसे ग्राहकों को भी लाइफटाइम फ्री का ऑफर देते हैं, जो हर साल एक तय सीमा तक खर्च करते हैं। शुरुआत में बैंक सालाना खर्च पूरा करने पर वार्षिक शुल्क माफ कर सकते हैं और अगर ग्राहक लगातार ऐसा करता रहता है, तो भविष्य में कार्ड को Lifetime Free करने पर भी विचार किया जा सकता है।
कार्ड इस्तेमाल करने पर लगेगा शुल्क
हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि Lifetime Free का मतलब केवल जॉइनिंग फीस और वार्षिक शुल्क से छूट है। इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि कार्ड इस्तेमाल करने पर कोई अन्य शुल्क नहीं लगेगा। अगर आप समय पर बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो ब्याज, लेट पेमेंट चार्ज, कैश विड्रॉल फीस, विदेशी मुद्रा मार्कअप शुल्क और जीएसटी जैसी अन्य फीस पहले की तरह लागू होती रहेंगी। इसलिए कार्ड लेने से पहले उसके नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है।
