दिल्ली-एनसीआर में आज यानी मंगलवार 28 जुलाई को झमाझम बारिश हुई। नोएडा में भी आज दोपहर हुई बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन कुछ ही देर हुई बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी।
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी जमा होने से गाड़ियां भी उससे बचकर चलती दिखीं। कई स्थानों पर पानी इतना ज्यादा भर गया कि गाड़ियां बीच सड़क बंद हो गईं और लंबा जाम लग गया।
नोएडा के सेक्टर-100 में बौड़ा महादेव मंदिर के पास, सेक्टर-99, सेक्टर-37 अंडरपास, बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के आसपास, सर्फाबाद, बरौला, सेक्टर-62 सहित कई अन्य इलाकों में सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। शहर की कई कॉलोनियों और गांवों में भी जलभराव हो गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई।
बारिश के बाद शहर में जिस तरह के हालात देखने को मिले उसने एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी इसी मौसम में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आने के बाद नालों की सफाई कराई गई थी। हालांकि, इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में सड़कें आज भी तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं।
बता दें कि नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने पहले ही कहा था कि जिन इलाकों में जलभराव की समस्या देखने को मिलेगी, वहां संबंधित सीनियर मैनेजर (एसएम) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब यह देखना होगा कि आज की ताजा जलभराव की स्थिति के बाद अथॉरिटी जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या और किस स्तर की कार्रवाई करता है।
करोड़ों रुपये के टेंडर और जल निकासी व्यवस्था पर होते लगातार खर्च के बावजूद अगर हर बारिश में शहर की सड़कें तालाब बन जाती हैं, तो यह प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
