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हाईवे पर सफर करने वालों के लिए राहत, अब 60 km से पहले नहीं होंगे टोल प्लाजा, जानिए नए नियम

यदि आप भी हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा से परेशान रहते हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। सरकार ने टोल प्लाजा के लिए ई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। आइए जानते हैं इसके बारे में...

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अब 60 km से पहले नहीं होंगे टोल प्लाजा, जानिए नए नियम

Photo : iStock

हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा बनाने को लेकर नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। नए नियमों के तहत अब किसी भी नए हाईवे पर 60 किलोमीटर की दूरी से पहले टोल प्लाजा नहीं बनाया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस नियम को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए एक हाई-लेवल टोल कमेटी का भी गठन किया है। इसका उद्देश्य वाहन चालकों पर बार-बार टोल भुगतान का बोझ कम करना है।

नए हाईवे पर दो टोल प्लाजा के बीच होगी 60 किमी की दूरी

नई SOP के अनुसार, किसी भी नए राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे पर दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किलोमीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा यानी नए हाईवे और एक्सप्रेसवे पर 60 किलोमीटर से पहले कोई भी टोल प्लाजा नहीं होगा। सरकार का मानना है कि बार-बार टोल प्लाजा होने से यात्रियों को परेशानी होती है और यात्रा लागत भी बढ़ती है। नए नियमों के लागू होने के बाद नए प्रोजेक्ट्स में इस दूरी का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

विशेष परिस्थिति में लेनी होगी अनुमति

हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में 60 किलोमीटर से कम दूरी पर टोल प्लाजा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसी को हाई-लेवल कमेटी से विशेष अनुमति लेनी होगी। बिना मंजूरी के 60 किलोमीटर से पहले नया टोल प्लाजा स्थापित नहीं किया जा सकेगा।

शहरों के आसपास टोल प्लाजा बनाने पर सख्ती

सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भी टोल प्लाजा को लेकर नियम सख्त किए हैं। नई SOP के मुताबिक, नगर निगम सीमा या शहरी क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में टोल प्लाजा बनाने पर रोक लगाई गई है। इस कदम से शहरों के अंदर रोजाना सफर करने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

टोल व्यवस्था पर नजर रखेगी हाई-लेवल कमेटी

NHAI के कमर्शियल ऑपरेशन मेंबर की अध्यक्षता में बनाई गई हाई-लेवल टोल कमेटी टोल प्लाजा से जुड़े मामलों की निगरानी करेगी। कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि वाहन चालकों को अनावश्यक रूप से बार-बार टोल शुल्क का भुगतान न करना पड़े और टोल व्यवस्था ज्यादा सुविधाजनक बने।

पुराने टोल प्लाजा पर लागू नहीं होगा नया नियम

सरकार के अनुसार, देश में अभी 130 से ज्यादा ऐसे स्थान हैं जहां 60 किलोमीटर के अंदर दो टोल प्लाजा मौजूद हैं। हालांकि, नई SOP का असर पुराने टोल प्लाजा पर नहीं बल्कि भविष्य में बनने वाले नए हाईवे और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा।

दिल्ली के सभी टोल नाके होंगे बैरियर फ्री

वहीं, दिल्ली में भी टोल व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली नगर निगम ने राजधानी के सभी 156 टोल नाकों पर बैरियर रहित मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। नई तकनीक लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। इससे रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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