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पेंशन पाते हैं तो घर बैठे बनाएं डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, जानिए पूरा प्रोसेस और इसके फायदे

जीवन प्रमाण ने पेंशनभोगियों के लिए लाइफ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बना दिया है। खासकर बुजुर्ग, बीमार या अपने मूल स्थान से दूर रहने वाले पेंशनरों के लिए यह सेवा बड़ी राहत साबित हो रही है।

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डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

Photo : iStock

अगर आप केंद्र सरकार, राज्य सरकार, डिफेंस, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या किसी अन्य सरकारी संस्था के पेंशनभोगी हैं, तो जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) आपके लिए बेहद उपयोगी डिजिटल सेवा है। भारत सरकार की यह पहल पेंशनरों को हर साल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने की झंझट से राहत देने के लिए शुरू की गई है। अब पेंशन जारी रखने के लिए बैंक या पेंशन वितरण कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाने की जरूरत नहीं पड़ती। बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार हो जाता है, जिसे संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी ऑनलाइन देख सकती है।

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट क्यों शुरू किया गया?

भारत में एक करोड़ से अधिक परिवार ऐसे हैं जिनकी आय का प्रमुख स्रोत पेंशन है। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों के लाखों पेंशनभोगी, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी और 25 लाख से अधिक रक्षा एवं सैन्य पेंशनभोगी शामिल हैं। पहले इन सभी को हर वर्ष अपनी जीवित होने की पुष्टि के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना पड़ता था। उम्र, बीमारी या दूसरे शहर में रहने के कारण यह प्रक्रिया कई लोगों के लिए कठिन साबित होती थी। इसी समस्या का समाधान करने के लिए भारत सरकार ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट योजना (जीवन प्रमाण) शुरू की। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाना है ताकि पेंशनभोगियों को अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े।

कैसे काम करता है जीवन प्रमाण?

जीवन प्रमाण सेवा आधार (Aadhaar) आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर काम करती है। पेंशनभोगी की पहचान फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के जरिए सत्यापित की जाती है। सत्यापन सफल होने के बाद डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार होता है और इसे सुरक्षित ऑनलाइन रिपॉजिटरी में स्टोर कर दिया जाता है। इसके बाद संबंधित बैंक या पेंशन वितरण एजेंसी इसे सीधे ऑनलाइन एक्सेस कर सकती है।

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं?

  • खुद को पंजीकृत करने के लिए पीसी/मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करें या नजदीकी जीवन प्रमाण केंद्र पर जाएं।
  • इसके बाद आधार नंबर, पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) नंबर, बैंक खाता विवरण, बैंक का नाम और मोबाइल नंबर जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
  • बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: अपने बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट या आइरिस) प्रदान करें और स्वयं को प्रमाणित करें। जीवन प्रमाण ऑनलाइन बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए आधार प्लेटफॉर्म का उपयोग करता है।
  • जीवन प्रमाण पत्र: सफल प्रमाणीकरण के बाद आपके मोबाइल नंबर पर आपकी जीवन प्रमाण पत्र आईडी सहित एक एसएमएस पावती भेजी जाती है।
  • यह प्रमाण पत्र पेंशनभोगी और पेंशन वितरण एजेंसी के लिए किसी भी समय और कहीं भी उपलब्ध कराने हेतु 'लाइफ सर्टिफिकेट रिपोजिटरी' में संग्रहीत रहता है।
  • सर्टिफिकेट कैसे डाउनलोड करें?

    पेंशनभोगी अपने Jeevan Pramaan ID की मदद से आधिकारिक वेबसाइट से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की PDF कॉपी कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं बैंक या अन्य पेंशन वितरण एजेंसियां भी इसी पोर्टल से सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकती हैं। कई संस्थानों में यह सर्टिफिकेट इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से स्वतः भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे किसी तरह के मैनुअल दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं रहती।

    Alok Kumar
    आलोक कुमार author

    आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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