RD Vs Mutual Funds: जब भी बात पैसों को इन्वेस्ट करने की आती है तो हम सुरक्षा और बेहतर रिटर्न तलाशते हैं। अगर अच्छे रिटर्न के साथ-साथ इन्वेस्टमेंट की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना चाहते हैं तो यह बहुत जरूरी है कि पैसे इन्वेस्ट करने से पहले आप इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के बारे में अच्छी तरह से जानकारी प्राप्त कर लें। जब भी बात सुरक्षित तरीके से बेहतर रिटर्न प्राप्त करने की होती है तो रेकरिंग डिपॉजिट का नाम जरूर आता है। दूसरी तरफ म्यूचुअल फंड्स है जो काफी आकर्षक रिटर्न प्रदान करते हैं और पिछले कुछ समय में इन्हें काफी ज्यादा पसंद भी किया जाने लगा है। लेकिन अगर इन दोनों इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस में से आपको किसी एक को चुनना हो तो आपके लिए कौन सा बेहतर है? आइए जानने की कोशिश करते हैं।
रेकरिंग डिपॉजिट और रिटर्न्सरेकरिंग डिपॉजिट बैंक द्वारा चलाई जाने वाली योजना होती है जिसमें आप अपनी सुविधा के अनुसार इन्वेस्ट कर सकते हैं। RD इन्वेस्टमेंट के अन्य सुरक्षित ऑप्शंस के मुकाबले काफी यूजर फ्रेंडली होती है और इसमें इन्वेस्ट करने से इन्वेस्ट करने की आपकी आदत भी बेहतर होती है। RD में इन्वेस्ट करने की शुरुआत अब ₹10 से भी कर सकते हैं और आप 6 महीने से लेकर 10 साल तक के लिए एक रोड योजना में इन्वेस्ट कर सकते हैं। इन योजनाओं पर आपको बैंक द्वारा सुरक्षा की गारंटी भी दी जाती है। इस वक्त देश भर में मौजूद विभिन्न RD योजनाओं पर आपको सालाना 6.5% से 8.5 जितना रिटर्न प्राप्त होता है।
