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RD Vs Mutual Funds: कहां मिलेगी बेहतर सुरक्षा और दमदार रिटर्न्स

पैसे इन्वेस्ट करने से पहले इन्वेस्टमेंट के तरीके के बारे में जान लेना बेहद जरूरी होता है। अक्सर इन्वेस्टमेंट करते हुए लोग सुरक्षा और रिटर्न जैसे फैक्टर्स पर ध्यान देते हैं। पिछले कुछ समय के दौरान म्युचुअल फंड्स को काफी पसंद किया जा रहा है इसके साथ ही रिकरिंग डिपॉजिट को भी खास पसंद किया जा रहा है। लेकिन इन दोनों इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस में से आपके लिए कौन सा बेहतर है? आईए जानते हैं।

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RD बनाम म्यूचुअल फंड्स, आपके लिए क्या है बेहतर?

Photo : BCCL

RD Vs Mutual Funds: जब भी बात पैसों को इन्वेस्ट करने की आती है तो हम सुरक्षा और बेहतर रिटर्न तलाशते हैं। अगर अच्छे रिटर्न के साथ-साथ इन्वेस्टमेंट की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना चाहते हैं तो यह बहुत जरूरी है कि पैसे इन्वेस्ट करने से पहले आप इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के बारे में अच्छी तरह से जानकारी प्राप्त कर लें। जब भी बात सुरक्षित तरीके से बेहतर रिटर्न प्राप्त करने की होती है तो रेकरिंग डिपॉजिट का नाम जरूर आता है। दूसरी तरफ म्यूचुअल फंड्स है जो काफी आकर्षक रिटर्न प्रदान करते हैं और पिछले कुछ समय में इन्हें काफी ज्यादा पसंद भी किया जाने लगा है। लेकिन अगर इन दोनों इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस में से आपको किसी एक को चुनना हो तो आपके लिए कौन सा बेहतर है? आइए जानने की कोशिश करते हैं।

रेकरिंग डिपॉजिट और रिटर्न्सरेकरिंग डिपॉजिट बैंक द्वारा चलाई जाने वाली योजना होती है जिसमें आप अपनी सुविधा के अनुसार इन्वेस्ट कर सकते हैं। RD इन्वेस्टमेंट के अन्य सुरक्षित ऑप्शंस के मुकाबले काफी यूजर फ्रेंडली होती है और इसमें इन्वेस्ट करने से इन्वेस्ट करने की आपकी आदत भी बेहतर होती है। RD में इन्वेस्ट करने की शुरुआत अब ₹10 से भी कर सकते हैं और आप 6 महीने से लेकर 10 साल तक के लिए एक रोड योजना में इन्वेस्ट कर सकते हैं। इन योजनाओं पर आपको बैंक द्वारा सुरक्षा की गारंटी भी दी जाती है। इस वक्त देश भर में मौजूद विभिन्न RD योजनाओं पर आपको सालाना 6.5% से 8.5 जितना रिटर्न प्राप्त होता है।

म्यूचुअल फंड्स में क्या है अलग?

वहीं अगर आप बेहतर रिटर्न की तलाश कर रहे हैं तो म्यूचुअल फंड्स आपके लिए इन्वेस्टमेंट का बेहतर ऑप्शन साबित हो सकते हैं। म्यूचुअल फंड्स मार्केट पर आधारित होते हैं। इन फंड्स का मैनेजर होता है जो आपके पैसे को किसी सिक्योरिटी इक्विटी या फिर बॉन्ड में इनवेस्ट करता है। म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट की शुरुआत आप ₹100 से भी कर सकते हैं। इन्वेस्टमेंट के अन्य ऑप्शंस के मुकाबले म्यूचुअल फंड में से आप जब चाहे तब पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन आपको ध्यान रखना चाहिए कि क्योंकि म्यूचुअल फंड मार्केट पर आधारित होते हैं इसीलिए इन्वेस्टमेंट के अन्य ऑप्शंस के मुकाबले इनमें रिस्क थोड़ा ज्यादा होता है। देशभर में मौजूद विभिन्न म्यूचुअल फंड्स इस वक्त 12 से 40% सालाना रिटर्न प्रदान कर रहे हैं।
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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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