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साइबर ठगों की अब खैर नहीं...RBI का 'म्यूलहंटर' बना दुश्मन, 15 और बैंक करने जा रहे हैं ये काम

RBI MuleHunter: ‘म्यूलहंटर’ एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ML (मशीन लर्निंग) तकनीकों की मदद से काम करता है। इसका मकसद है उन ‘म्यूल’ खातों की पहचान करना, जो धोखाधड़ी के लिए खोले जाते हैं। ऐसे में RBI अब इन म्यूल एकाउंट्स पर नजर बनाए हुए है।

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RBI MuleHunter (Pic Credit: iStock)

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RBI MuleHunter: डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक खास प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिसका नाम है ‘म्यूलहंटर (MuleHunter)’। इस अत्याधुनिक तकनीक से लैस प्लेटफॉर्म को पहले से ही कुछ प्रमुख बैंकों में लागू किया जा चुका है और अब अगले दो महीनों में 15 और बैंक इसे अपनाने जा रहे हैं।

क्या है 'म्यूलहंटर'?

‘म्यूलहंटर’ एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ML (मशीन लर्निंग) तकनीकों की मदद से काम करता है। इसका मकसद है उन ‘म्यूल’ खातों की पहचान करना, जो धोखाधड़ी के लिए खोले जाते हैं। अक्सर ये खाते फर्जी पहचान पत्रों से बनाए जाते हैं और साइबर ठग इनका इस्तेमाल पीड़ितों से लूटी गई रकम को जल्दी-से-जल्दी दूसरे खातों में भेजने के लिए करते हैं, ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए।

किन बैंकों में हुआ अब तक इस्तेमाल?

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक RBI के एक वरिष्ठ अधिकारी सुवेंदु पाटी के अनुसार, अब तक यह प्लेटफॉर्म केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे छह बैंकों में लागू किया जा चुका है। इसके अलावा, फेडरल बैंक भी इसे जल्द अपनाने वाला है। अब RBI इसे और ज्यादा बैंकों में फैलाने की तैयारी में है।

कैसे करता है काम?

‘म्यूलहंटर’ को RBI Innovation Hub ने तैयार किया है और यह बैंकों को बिलकुल मुफ्त दिया जा रहा है। यह सिस्टम उन खातों को ट्रैक करता है जो संदिग्ध व्यवहार दिखाते हैं, जैसे कि एक ही समय में कई ट्रांजैक्शन, रात को अचानक बड़ी रकम का ट्रांसफर आदि।

खास बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म अन्य फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम्स से ज्यादा सटीक है। जहां बाकी प्लेटफॉर्म 80% तक फर्जी अलर्ट देते हैं, वहीं म्यूलहंटर द्वारा दिए गए 90% अलर्ट असली और सटीक पाए गए हैं।

रात में बढ़ते हैं धोखाधड़ी के मामले

RBI के मुताबिक, धोखाधड़ी के सबसे ज्यादा मामले रात 11 बजे से लेकर 1 बजे तक के बीच सामने आते हैं। इस समय अधिकतर बैंकों और फाइनेंशियल कंपनियों के कस्टमर केयर सेंटर बंद रहते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं।

अभी शुरुआती चरण में है सिस्टम

हालांकि म्यूलहंटर अभी अपने शुरुआती चरण में है, लेकिन यह लगातार नई तकनीकों को सीखकर और बेहतर होता जा रहा है। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म बचत खाता और चालू खाता दोनों तरह के खातों पर काम कर रहा है और RBI को उम्मीद है कि भविष्य में यह डिजिटल फ्रॉड पर मजबूत लगाम लगाएगा।

डिजिटल युग में फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच RBI का म्यूलहंटर प्लेटफॉर्म एक बड़ी राहत बनकर उभरा है। जैसे-जैसे इसे और बैंक अपनाएंगे, आम लोगों की जमा पूंजी और ट्रांजैक्शन्स को लेकर सुरक्षा और भी मजबूत होगी।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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