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PM Kisan Yojana: क्यों अटक सकती है किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त? जानिए कारण

PM Kisan Yojana: अगर आपका आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक नहीं है, तो भी आपकी किस्त रुक सकती है। यदि आप इससे बचना चाहते हैं तो जल्द से जल्द अपने बैंक जाकर यह काम पूरा करें ताकि आपको समय पर पैसा मिल सके। यहां हम सभी तीन कारण बता रह हैं जिनकी वजह से 20वीं किस्त अटक सकती है।

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PM Kisan Yojana

PM Kisan Yojana: पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देशभर के करोड़ों किसानों को मिलता है। इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है, जो तीन किस्तों में (2,000-2,000 रुपये) उनके अकाउंट में सीधे ट्रांसफर होती है। अब सभी किसानों को 20वीं किस्त का इंतजार है, लेकिन कुछ किसानों की किस्त अटक भी सकती है। आइए जानें, किन कारणों से आपकी किस्त रुक सकती है।

20वीं किस्त कब आ सकती है?

सरकार हर 4 महीने में एक किस्त जारी करती है। पिछली 18वीं किस्त अक्टूबर में और 19वीं किस्त फरवरी में आई थी। इसी पैटर्न के हिसाब से 20वीं किस्त जून में आ सकती है। हालांकि, आधिकारिक तारीख का ऐलान अभी बाकी है।

किस किसानों की अटक सकती है 20वीं किस्त?

1. ई-केवाईसी नहीं कराने पर

अगर आपने अभी तक अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं कराया है, तो आपकी किस्त रोकी जा सकती है। इसके लिए आपको अपने नजदीकी CSC सेंटर या आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर ई-केवाईसी करवा लेना चाहिए।

2. भू-सत्यापन न कराने पर

भू-सत्यापन (भूमि का सत्यापन) यानी जमीन के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन बेहद जरूरी है। जिन किसानों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी किस्त अटक सकती है।

3. आधार-बैंक अकाउंट लिंक न होने पर

अगर आपका आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक नहीं है, तो भी आपकी किस्त रुक सकती है। यदि आप इससे बचना चाहते हैं तो जल्द से जल्द अपने बैंक जाकर यह काम पूरा करें ताकि आपको समय पर पैसा मिल सके।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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