PF Account: EPFO के सदस्य जल्द ही देश के किसी भी बैंक और बैंक की किसी भी शाखा से पेंशन प्राप्त कर सकेंगे। हाल ही में श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार जल्द ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य कर्मचारियों के लिए एक केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली (CPPS) लेकर आने वाली है। इसके बाद कर्मचारी देश के किसी भी बैंक और किसी भी शाखा से पैसे निकाल सकते हैं। कर्मचारियों को सुखद रिटायरमेंट प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की शुरुआत की थी। मनसुख मांडविया ही EPFO के प्रमुख निर्णय लेने वाले CBT के अध्यक्ष भी हैंवह ईपीएफओ के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) के चेयरपर्सन भी हैं।
किसी भी बैंक से ले सकेंगे पेंशन
श्रम मंत्रालय ने बयान में कहा है कि, केंद्रीकृत पेंशन भुगतान व्यवस्था (CPPS) से पूरे देश में किसी भी बैंक या बैंक की किसी भी शाखा के माध्यम से पेंशन का वितरण हो सकेगा। श्रम मंत्री ने कहा, ‘‘सीपीपीएस की मंजूरी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आधुनिकीकरण की दिशा में बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसके तहत पेंशनधारक देश में कहीं भी, किसी भी बैंक और बैंक की किसी भी शाखा से अपनी पेंशन प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल लंबे समय से चली आ रही पेंशनधारकों की समस्याओं को हल करती है। यह व्यवस्था एक निर्बाध और कुशल वितरण प्रणाली सुनिश्चित करती है।’’
78 लाख कर्मचारियों को होगा
केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली से ईपीएफओ के 78 लाख से अधिक ईपीएस-95 पेंशनधारकों को लाभ होने की उम्मीद है। केंद्रीकृत प्रणाली पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित करने की आवश्यकता के बिना पूरे देश में पेंशन का बेहतर वितरण सुनिश्चित करेगी। यह उन पेंशनधारकों के लिए बड़ी राहत होगी जो सेवानिवृत्ति के बाद शहर छोड़कर गांव या अपनी जन्मभूमि चले जाते हैं। यह सुविधा एक जनवरी, 2025 से शुरू होने वाली ईपीएफओ की सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण परियोजना केंद्रीकृत आईटी युक्त प्रणाली (CITS 2.01) के हिस्से के रूप में शुरू की जाएगी।
आसान होगा पेंशन प्राप्त करना
अगले चरण में, सीपीपीएस आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (ABPS) में सुचारु रूप से परिवर्तन लाएगी। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि नई प्रणाली मौजूदा पेंशन वितरण प्रक्रिया से महत्वपूर्ण बदलाव है, जिसके तहत ईपीएफओ के प्रत्येक क्षेत्रीय/क्षेत्रीय कार्यालय को केवल तीन-चार बैंकों के साथ अलग-अलग समझौते करने पड़ते थे। इसमें कहा गया है कि अब पेंशनभोगियों को पेंशन शुरू होने के समय वेरिफिकेशन के लिए बैंक शाखा में जाने की जरूरत नहीं होगी और भुगतान जारी होने पर तुरंत जमा कर दिया जाएगा।
