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Land Records: अब शहरों में जमीन के कागज ढूंढने में नहीं होगी परेशानी, सरकार जल्द लाएगी आधुनिक सिस्टम

शहरों में जमीने विवादों के निपटारे और जमीनी कागजात की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा महत्त्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में शहरी भूमि रिकॉर्ड्स के सर्वेक्षण-पुनर्सर्वेक्षण में आधुनिक टेक्नोलॉजीज पर दो दिवसीय ग्लोबल वर्कशॉप का उद्घाटन करेंगे।

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अब शहरों में जमीन के कागज ढूंढने में नहीं होगी परेशानी, सरकार जल्द लाएगी आधुनिक सिस्टम

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Land Records: ग्रामीण भूमि रिकॉर्ड्स को आधुनिक बनाने के बाद अब सरकार का ध्यान शहरी भूमि रिकॉर्ड्स को सुव्यवस्थित बनाने पर है। टूटने-फटने, पुरानी जानकारी और कई एजेंसियों के रखरखाव के कारण शहरी भूमि रिकार्ड्स कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह जानकारी रविवार को सरकार ने दी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में शहरी भूमि रिकॉर्ड्स के सर्वेक्षण-पुनर्सर्वेक्षण में आधुनिक टेक्नोलॉजीज पर दो दिवसीय ग्लोबल वर्कशॉप का उद्घाटन करेंगे।

वर्कशॉप में क्या होगा?

वर्कशॉप में सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, यूके, स्पेन, नीदरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसे देशों के विशेषज्ञ जानकारियां देंगे, जो डिजिटल भूमि रिकॉर्ड के लिए दुनियाभर में अपनाई जाने वाली सबसे अच्छे प्रोसेस के बारे में बताएंगे। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, यह पहल केंद्रीय बजट 2024-25 में डिजिटलीकरण और जीआईएस मैपिंग द्वारा शहरी भूमि रिकॉर्ड बनाकर/सुव्यवस्थित करके संपत्ति रिकॉर्ड प्रशासन, अपडेटिंग और कर प्रशासन के लिए एक आईटी-आधारित प्रणाली की स्थापना के संबंध में घोषणा पर आधारित है, जो कि शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति में सुधारने में भी मदद करेगी।

कम होंगे भूमि से संबंधित विवाद

मंत्रालय ने कहा कि संपत्ति रिकॉर्ड प्रशासन के लिए आईटी-आधारित प्रणाली पारदर्शिता, दक्षता को बढ़ाएगी और सतत विकास का समर्थन करेगी और भूमि संबंधी विवादों को कम करेगी। पहल के एक भाग के रूप में, भूमि संसाधन विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में प्राप्त प्रगति के आधार पर शहरी भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक बनाने के लिए नवीन तकनीकी सॉल्यूशंस की तलाश कर रहा है।

हर जगह जारी है काम

इस वर्कशॉप का उद्देश्य सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के संबंधित मंत्रालयों और विभागों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और टेक्नोलॉजी प्रदाताओं सहित प्रासंगिक पक्षकारों को एक साथ लाना है। भूमि संसाधन विभाग डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के तहत सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक बनाने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है। इस योजना को 100 प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा फंड किया जा रहा है।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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