यूटिलिटी

कहीं आपकी प्लेट में रखा चावल नकली तो नहीं, खुद इन तरीकों से करें असली की पहचान

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Mar 6, 2023, 01:18 PM IST

Rice Check Real or Fake: हर घर में इस्तेमाल होने वाले चावल में भी पिछले कई सालों से मिलावट की जा रही है। मिलावटी चावल खाने से जहां हमारा स्वास्थ्य खराब होगा, साथ ही हम बीमार भी पड़ सकते हैं। लोग असली के दाम देकर नकली या फिर मिलावटी चावल अपने घर लेकर जा रहे हैं।

Image

Rice Check Real or Fake

Photo : iStock

Rice Check Real or Fake: मिलावटी और नकली चीजों से आज देश का हर शख्स परेशान है। खाने-पीने की चीजों में भी धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। लोग आसानी से इसे नहीं पकड़ पा रहे हैं। हर घर में इस्तेमाल होने वाले चावल (Rice) में भी पिछले कई सालों से धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। मिलावटी चावल खाने से जहां हमारा स्वास्थ्य खराब होगा, साथ ही हम बीमार भी पड़ सकते हैं।

लोग असली के दाम देकर नकली या फिर मिलावटी चावल अपने घर लेकर जा रहे हैं। लोगों को नहीं समझ आ रहा है कि वह जिस चावल तो खरीदकर अपने घर ले जा रहे हैं, वह असली है या नहीं। लोगों की दिक्कत ये हैं कि उन्हें असली चावल पहचानने का तरीका नहीं मालूम है। इसी को लेकर आज हम उनको कुछ तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से अब वह आसानी से असली और नकली चावल की पहचान कर पाएंगे।

खुद इन तरीकों से करें असली और नकली चावल की पहचान:-

  • चावल की असली पहचान करने का सबसे आसान तरीका ये है कि सबसे पहले आपको एक गिलास पानी में एक चम्म्च के बराबर कच्चे चावल डालें और फिर कुछ देर तक उसे हिलाते रहें। इस दौरान अगर चावल ऊपर तैरता दिखे तो जान लीजिए कि वह प्लास्टिक वाला चावल है। दरअसल असली चावल पानी पर तैरता नहीं है।
  • चावल को चेक करने का एक तरीका ये है कि एक हाथ में आप कुछ चावल लें और फिर उसे लाइटर से जला लें। जलाने के बाद देखें कि चावल से प्लास्टिक की गंध निकल रही है या नहीं। जलाने पर अगर चावल से प्लास्टिक की गंध निकल रही है तो जान लीजिए कि वह मिलावटी प्लास्टिक चावल है।
  • चावल को पहचानने का एक तरीका ये है कि सबसे पहले थोड़े से चावल लें और उन्हें बहुत गरम तेल में डाल दें। अगर ये प्लास्टिक के चावल होंगे, तो तुरंत पिघलकर चिपक जाएंगे।

हमें पूरी उम्मीद है कि ऊपर बताए गए तरीकों से अब आप आसानी से असली और नकली चावल की पहचान आसनी से कर पाएंगे।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरिया author

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई... और देखें

End of Article