Datia Bypoll: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां आसमान छू रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल चुनावी जंग में कांग्रेस ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने रविवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बड़ा दावा किया है। पटवारी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की '100 प्रतिशत' जीत होगी।
उन्होंने साफ किया कि पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं की आपसी सहमति के बाद ही घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा है।
कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद घनश्याम सिंह ने सीधे तौर पर बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने बीजेपी पर क्षेत्र में भ्रष्टाचार बढ़ाने और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का आरोप लगाया। एक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता भ्रष्टाचार को खत्म करना होगी ताकि विकास का लाभ आम जनता तक पहुंचे।
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एक दिलचस्प बयान में घनश्याम सिंह ने माना कि अगर बीजेपी पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) को टिकट देती, तो वह उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित होते। लेकिन बीजेपी के मौजूदा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी (Ashutosh Tiwari) उनके सामने कुछ भी नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आशुतोष तिवारी को जो भी वोट मिलेंगे, वे केवल सरकारी तंत्र और पार्टी की ताकत के दम पर मिलेंगे। सिंह ने दतिया के राजनीतिक माहौल पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां आपसी दुश्मनी बढ़ गई है, जबकि राजनीति में सामने वाला सिर्फ विरोधी होता है, दुश्मन नहीं।
क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव?
दतिया की यह विधानसभा सीट (Datia Upchunav) कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने की वजह से खाली हुई है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेदों के तहत अप्रैल 2026 में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इस उपचुनाव में कांग्रेस जहां एकजुट नजर आ रही है, वहीं बीजेपी के अंदर की खींचतान सड़क पर आ गई है।
नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने नेशनल हाईवे कई घंटों तक किया जाम
बीजेपी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने से उनके समर्थक बेहद नाराज हैं। हाल ही में समर्थकों द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे और नेशनल हाईवे कई घंटों तक जाम रहा था। बीजेपी के इस अंदरूनी कलह का सीधा फायदा उठाने की उम्मीद में कांग्रेस अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिख रही है।
