यह बात आप भी जानते हैं कि हर किसी को बार-बार अपने हाथ से घर बनाने का मौका नहीं मिलता, क्योंकि सपनों का घर सिर्फ एक ही बार बनता है। घर बनाते समय हमें सिर्फ ईंट या बालू ही नहीं, बल्कि एक-एक चीज को बारीकी से देखना होता है। घर बनाने में सीमेंट सबसे महत्वपूर्ण सामग्री में से एक होती है।
अगर सीमेंट की क्वालिटी खराब हो या वह नकली हो तो इससे घर की नींव ही नहीं, बल्कि पूरा घर ही खराब हो जाएगा और पैसे भी डूबेंगे। आजकल बाजार में कई बार असली ब्रांड के नाम पर नकली सीमेंट भी बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में खरीदारी करते समय कुछ आसान तरीकों से असली और नकली सीमेंट की पहचान की जा सकती है।
पैकेजिंग और ब्रांड की जानकारी जरूर जांचें
असली सीमेंट की बोरी पर कंपनी का नाम, लोगो, वजन, ISI मार्क और अन्य जरूरी जानकारी साफ और सही तरीके से प्रिंट होती है। पैकेट की प्रिंटिंग अच्छी क्वालिटी की होती है। वहीं नकली सीमेंट के पैकेट पर प्रिंट धुंधला, गलत या अधूरा हो सकता है। इसलिए सीमेंट खरीदते समय सबसे पहले पैकेजिंग और ब्रांड की जानकारी को ध्यान से देखना चाहिए।
ISI मार्क और लाइसेंस नंबर करें चेक
असली सीमेंट पर ISI मार्क और लाइसेंस नंबर दिया होता है। ग्राहक इसे BIS (Bureau of Indian Standards) की वेबसाइट पर जाकर भी वेरिफाई किया जा सकता है या फिर BIS के ऐप से भी चेक कर सकते हैं। अगर सीमेंट की बोरी पर ISI मार्क या जरूरी लाइसेंस जानकारी नहीं है तो खरीदने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
सीमेंट का रंग और फिनिश से भी पता लगा सकते हैं
अच्छी क्वालिटी वाले असली सीमेंट का रंग सामान्य रूप से एक जैसा स्लेटी (ग्रे) होता है। इसका पाउडर बारीक और चिकना महसूस होता है। नकली या खराब क्वालिटी वाले सीमेंट का रंग हल्का, ज्यादा गहरा या असमान हो सकता है। इसमें कण बड़े या मिलावट जैसी समस्या भी दिखाई दे सकती है।
पानी में डालकर कर सकते हैं आसान टेस्ट
सीमेंट की थोड़ी मात्रा पानी में डालकर भी इसकी क्वालिटी का अंदाजा लगाया जा सकता है। सामान्य तौर पर अच्छी क्वालिटी वाला सीमेंट धीरे-धीरे नीचे बैठता है और पानी ज्यादा गंदा नहीं करता। अगर सीमेंट तुरंत बैठ जाए या पानी ज्यादा धुंधला हो जाए तो इसकी गुणवत्ता पर शक किया जा सकता है।
हमेशा अधिकृत डीलर से ही खरीदें
सीमेंट खरीदते समय हमेशा कंपनी के अधिकृत डीलर से सामान लेना बेहतर होता है। बहुत कम कीमत में मिलने वाला सीमेंट कई बार नकली या खराब गुणवत्ता का हो सकता है। खरीदारी के समय बिल जरूर लें, ताकि किसी समस्या की स्थिति में शिकायत की जा सके।
