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स्लीपर के पैसे में AC का सफर! Train टिकट बुकिंग के बाद ऐसे मिलता है FREE अपग्रेड

भारतीय रेलवे (Indian Railways) अपने यात्रियों को कई सुविधाएं देता है। इनमें से कुछ सुविधाओं को लेकर बहुत कम यात्रियों को जानकारी होती है। ट्रेन के सफर से जुड़ी ऐसी ही एक सुविधा 'ऑटो-अपग्रेडेशन' है।

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Train IRCTC Auto Upgradation

IRCTC Auto Upgradation After Booking: अगर आप ट्रेन (Train) से सफर करते हैं तो आपको रेऑटो अपग्रेडेशन फीचर के बारे में जरूर जानना चाहिए। इस सर्विस के साथ आप बिना ज्यादा पैसे दिए अपनी टिकट को उच्च श्रेणी में बदलवा सकते हैं। जी हां, इस आर्टिकल में आपको ऑटो अपग्रेडेशन (IRCTC Auto Upgradation) फीचर को लेकर ही सभी जरूरी जानकारी दे रहे हैं-

क्या है ऑटो अपग्रेडेशन फीचर

IRCTC Auto Upgradation

Train Auto Upgradation

भारतीय रेलवे की ओर से यात्रियों को सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव देने के लिए कई सुविधाएं पेश की जाती हैं। इन्हीं में से एक रेलवे का ऑटो अपग्रेडेशन फीचर है, जिसके जरिए यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी टिकट को उच्च श्रेणी (Higher Class) में अपग्रेड कर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है, जो बेहतर सुविधाओं के साथ सफर करना चाहते हैं, लेकिन ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते।

कैसे काम करता है फीचर

जब आप IRCTC के जरिए ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करते हैं तो आपको Auto Upgrade का विकल्प मिलता है। अगर आप इस विकल्प को Yes चुनते हैं तो आपकी टिकट को उच्च श्रेणी में अपग्रेड किया जा सकता है, बशर्ते उस क्लास में सीटें खाली हों। उदाहरण के लिए, अगर आपने स्लीपर क्लास में टिकट बुक की है और थर्ड एसी (3AC) में सीटें खाली हैं, तो आपकी सीट अपने आप 3AC में अपग्रेड हो सकती है। अच्छी बात ये है कि ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा पूरी तरह से Free होती है और इसका उद्देश्य खाली सीटों का इस्तेमाल करना होता है। इससे कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को उच्च श्रेणी में भेज दिया जाता है और उनकी पुरानी सीटें RAC या वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को मिल जाती हैं।

ऑटो अपग्रेडेशन की प्रक्रिया चार्ट प्रिपरेशन के समय होती है, जिसे रेलवे का Passenger Reservation System (PRS) नियंत्रित करता है। यानी ट्रेन के चार्ट बनने के दौरान, अगर उच्च श्रेणी में सीटें खाली होती हैं, तो सिस्टम अपने आप यात्रियों की सीटें अपग्रेड कर देता है।

किन क्लास में मिलता है अपग्रेड?

IRCTC के ऑटो अपग्रेडेशन सिस्टम में यात्रियों की टिकट को उपलब्धता के आधार पर एक उच्च श्रेणी में शिफ्ट किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, स्लीपर क्लास में बुक की गई टिकट को 3AC में अपग्रेड किया जा सकता है, वहीं 3AC के यात्रियों को 2AC में और 2AC के यात्रियों को 1AC जैसी प्रीमियम क्लास में अपग्रेड किया जा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करती है और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रियों को बेहतर सुविधा का लाभ देती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सुविधा केवल एसी क्लास तक सीमित है।

जरूरी नियम और शर्तें

  • टिकट बुक करते समय Auto Upgrade का विकल्प चुनना जरूर है।
  • अपग्रेडेशन पूरी तरह सीट की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
  • अगर एक PNR पर सभी यात्रियों के लिए सीट उपलब्ध नहीं है तो किसी का भी अपग्रेड नहीं होगा।
  • अपग्रेड होने पर PNR नंबर वही रहता है, केवल क्लास बदलती है।
  • अपग्रेडेड टिकट कैंसिल करने पर चार्ज मूल टिकट के आधार पर लगेगा।
  • TTE (ट्रेन टिकट एग्जामिनर) इस प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं कर सकता।
  • यह सुविधा केवल चार्ट बनने के समय ही लागू होती है।
  • कुछ विशेष कोटा के टिकट्स पर यह सुविधा लागू नहीं होती।

क्या हैं इसके फायदे?

बिना अतिरिक्त खर्च के अपग्रेड की सुविधा

बिना अतिरिक्त खर्च के अपग्रेड की सुविधा यात्रियों के लिए सबसे बड़ा फायदा है। इस विकल्प को चुनने पर उन्हें बिना कोई अतिरिक्त पैसा दिए ही उच्च श्रेणी में यात्रा करने का अवसर मिल सकता है, जिससे उनकी यात्रा और अधिक आरामदायक बन जाती है।

बेहतर यात्रा अनुभव

बेहतर यात्रा अनुभव भी इस सुविधा का एक महत्वपूर्ण लाभ है। जब यात्री एसी कोच में अपग्रेड हो जाते हैं, तो उन्हें ज्यादा आरामदायक सीटें, साफ-सफाई, ठंडा वातावरण और अन्य बेहतर सुविधाएं मिलती हैं, जो पूरे सफर को सुखद बना देती हैं।

वेटिंग लिस्ट वालों के लिए सीट

इसके अलावा, वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को भी इसका फायदा मिलता है। जब कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को उच्च श्रेणी में अपग्रेड किया जाता है, तो उनकी खाली हुई सीटें RAC या वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को मिल जाती हैं, जिससे उनके टिकट कन्फर्म होने की संभावना बढ़ जाती है।

कब नहीं मिलता अपग्रेड?

वहीं अगर ट्रेन में वेटिंग लिस्ट मौजूद नहीं है या ऊंची श्रेणी (Higher Class) में सीटें उपलब्ध नहीं हैं, तो ऑटो अपग्रेडेशन की सुविधा लागू नहीं होती। ऐसे में यात्रियों की टिकट उसी मूल श्रेणी में बनी रहती है, जिसमें उन्होंने बुकिंग की थी, क्योंकि अपग्रेडेशन पूरी तरह से सीटों की उपलब्धता और वेटिंग लिस्ट की स्थिति पर निर्भर करता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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