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Hariyali Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या कब है, क्या है इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त

Hariyali Amavasya 2026 Date & Time: श्रावण माह की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। चलिए जानें साल 2026 में हरियाली अमावस्या कब है और इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि क्या है।

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हरियाली अमावस्या पर कौन से पौधे लगाएं?

Hariyali Amavasya 2026 Mein Kab Hai: साल में आने वाली 12 अमावस्याओं में सावन अमावस्या को काफी महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है। इस दिन देवों के देव महादेव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही पीपल के पेड़ और प्रकृति की पूजा करने का विधान है। प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए हरियाली अमावस्या पर नए पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया जाता है। इसके अलावा ये दिन पितरों के स्मरण और तर्पण के लिए भी विशेष माना जाता है। यदि आप भी हरियाली अमावस्या के दिन पूजा करते हैं तो सबसे पहले इसकी तारीख, दिनभर के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में जान लें।

हरियाली अमावस्या 2026 में कब है (hariyali amavasya 2026 date and time)

द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल श्रावण यानी सावन माह की अमावस्या तिथि को हरियाली अमावस्या मनाई जाती है। इस बार 12 अगस्त 2026 की सुबह 1 बजकर 52 मिनट से श्रावण अमावस्या तिथि का आरंभ होगा। इसी दिन रात को 11 बजकर 6 मिनट पर अमावस्या तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में 12 अगस्त 2026, वार बुधवार को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी।

हरियाली अमावस्या की पूजा के शुभ मुहूर्त

कार्य / मुहूर्तसमय
सूर्योदयसुबह 05:49
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 04:23 से सुबह 05:06 तक
प्रातः सन्ध्यासुबह 04:44 से सुबह 05:49 तक
अभिजित मुहूर्तनहीं है
विजय मुहूर्तदोपहर 02:38 से दोपहर 03:31 तक
गोधूलि मुहूर्तशाम 07:03 से शाम 07:25 तक
सायाह्न सन्ध्याशाम 07:03 से शाम 08:08 तक
अमृत कालसुबह 04:38 से सुबह 06:06 तक (13 अगस्त 2026)
निशिता मुहूर्तसुबह 12:05 से सुबह 12:48 तक (13 अगस्त 2026)

हरियाली अमावस्या पर पूजा कैसे करें

अमावस्या तिथि के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें। किसी पवित्र नदी या घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। साफ हरे रंग के कपड़े पहनें। सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। शिव-पार्वती जी की पूजा करते हुए उन्हें जल, रोली, वस्त्र, फल, फूल, दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र और मिठाई आदि पूजा सामग्री अर्पित करें। शिवलिंग का जलाभिषेक करें। पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं। इसके बाद पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा करवाएं और गरीबों को दान दें। प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए किसी खाली जगह पर पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करने की प्रतिज्ञा लें।

हरियाली अमावस्या पर कौन से पौधे लगाएं

यदि आप हरियाली अमावस्या के दिन पौधे लगाना चाहते हैं तो तुलसी, अशोक, बेलपत्र, नीम, अर्जुन, शमी, कदंब, आंवला और पीपल जैसे पवित्र पौधे लगा सकते हैं। इसके अलावा गुड़हल, मदार, नारियल, चंपा और हरसिंगार के पौधे लगाने भी शुभ रहेंगे।

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Nidhi Jain
निधि जैनauthor

निधि जैन Times Now नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के तौर पर जुड़ी हैं। इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 साल से ज्यादा का अनुभव है। पढ़ने और लिखने के प्रति इनकी रुचि ही इन्हें जर्नलिज्म की ओर लेकर आई। निधि अब तक हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुकी हैं।

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