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SIP करने वालों की मदद कर सकता है यह नियम, मजबूत होगा निवेश, पूरा होगा टार्गेट

जब भी बात इन्वेस्टमेंट की आदत को बेहतर बनाने की आती है तो SIP का जिक्र जरूर होता है। क्या आप भी म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने के लिए SIP करते हैं? अगर हां, तो हम आपके लिए SIP में इन्वेस्टमेंट का एक ऐसा रूल लेकर आये हैं, जिसको अपनाकर आप अपनी इन्वेस्टमेंट को और बेहतर कर सकते हैं।

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SIP में करते हैं इन्वेस्ट? ये रूल कर सकता है आपकी मदद

Mutual Fund SIP Rule: म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने के लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकते हैं। SIP से न सिर्फ आपकी इन्वेस्टमेंट की आदत बेहतर होती है बल्कि साथ ही SIP के माध्यम से म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करके आप भविष्य में ज्यादा बेहतर रिटर्न्स प्राप्त कर सकते हैं और संपत्ति भी बना सकते हैं। क्या आप भी म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने के लिए SIP का इस्तेमाल करते हैं? हम आपके लिए लेकर आये हैं SIP में इन्वेस्टमेंट का एक ऐसा रूल जो आपकी बहुत मदद कर सकता है। SIP के माध्यम से आप छोटी शुरुआत करके भविष्य में काफी अच्छी संपत्ति बना सकते हैं।

SIP में होने वाले कुछ फायदे

कम रिस्क: SIP के माध्यम से आप समय-समय पर इन्वेस्टमेंट करते रहते हैं जिसकी वजह से मार्केट कि अस्थिरता का असर आप पर नहीं पड़ता। इस तरह से SIP आपकी इन्वेस्टमेंट पर रिस्क को कम कर देती है।

कंपाउंडिंग: SIP के माध्यम से आप कंपाउंडिंग का फायदा भी उठा सकते हैं। जब आप काफी लंबे समय तक एक तय अंतराल के बाद पैसे इन्वेस्ट करते हैं तो इससे पैसा कोम्पुन्द होता है, लॉन्ग टर्म में आपकी संपत्ति भी बढ़ती है और बेहतर रिटर्न्स भी आपको प्राप्त होते हैं।

फ्लेक्सिबिलिटी: SIP काफी यूजर फ्रेंडली होती हैं और आप अपने हिसाब से अपनी इन्वेस्टमेंट को कितना भी बढ़ा या घटा सकते हैं। इसकी वजह से आपको काफी फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।

वित्तीय अनुशासन: SIP के माध्यम से आपको तय अंतराल पर इन्वेस्ट करते रहना होता है और इससे आपका वित्तीय अनुशासन बेहतर होता है।

SIP में इन्वेस्ट करने का 70-20-10 रूल

जब भी बात SIP में इन्वेस्टमेंट की आती है तो आपको 70-20-10 नामक इस नियम का ध्यान रखना चाहिए। 70-20-10 का यह नियम कहता है कि आपको अपनी इन्वेस्टमेंट को तीन हिस्सों में बांट देना चाहिए। अपनी इन्वेस्ट की जाने वाली रकम का 70% हिस्सा आपको लार्जकैप, 20% हिस्सा मिडकैप और सिर्फ 10% हिस्सा ही स्मॉल कैप फंड्स में लगाना चाहिए। अगर आप इस तरह इन्वेस्ट करेंगे तो आपका पोर्टफोलियो काफी बैलेंस्ड रहेगा और आपकी इन्वेस्टमेंट काफी सुरक्षित भी रहेगी।
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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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