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प्रॉपर्टी में कर रहे हैं इन्वेस्ट? इन बातों का रखेंगे ध्यान तो इन्वेस्टमेंट होगी बेहतर

अब हमारे सामने इन्वेस्टमेंट के बहुत से ऑप्शंस मौजूद हैं। रियल एस्टेट को अभी भी इन्वेस्टमेंट का एक काफी अच्छा ऑप्शन माना जाता है। जब भी बात रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करने की आती है तो लोगों को लगता है कि सिर्फ लोकेशन का ही ध्यान रखना होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आज हम आपको उन जरूरी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका ध्यान आपको प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करते समय रखना चाहिए।

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रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करते हुए इन बातों का ध्यान रखिये

Photo : iStock

Tips To Remember While Investing In A Property: जब भी बात इन्वेस्टमेंट की आती है तो हमेशा हमारे दिमाग में बैंक के सेविंग्स अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट योजना जैसे नाम ही आते हैं। इन सबसे इतर रियल एस्टेट को भी इन्वेस्टमेंट का काफी अच्छा ऑप्शन माना जाता है। जब भी कोई व्यक्ति किसी प्रॉपर्टी में इनवेस्ट करता है तो यह बहुत जरूरी हो जाता है कि वह कुछ बातों का ध्यान रखे। ज्यादातर लोगों को लगता है कि सिर्फ प्रॉपर्टी की लोकेशन ही जरूरी होती है, पर ऐसा नहीं है किसी भी प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करते वक्त आपको इन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए:

इन्वेस्टमेंट का लक्ष्य: रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट का एक ऐसा ऑप्शन है जिसमें लिक्विडिटी बहुत ही कम होती है। आसान शब्दों में कहें तो एक बार पैसे लगाने के बाद आप बहुत जल्दी अपने पैसे वापस निकाल नहीं सकते। इसीलिए प्रॉपर्टी लेने से पहले उसे प्रॉपर्टी को लेने का कारण क्लियर कर लेना चाहिए। उदाहरण के लिए आपको पता होना चाहिए कि आप जिस प्रॉपर्टी को खरीद रहे हैं उसका इस्तेमाल आप अपने लिए करने वाले हैं, किराए के लिए करने वाले हैं, खरीद कर शॉर्ट टर्म में बेचने के लिए करने वाले हैं या फिर खरीद कर लॉन्ग टर्म में बेचेंगे।

लोन: अगर आप प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने के लिए लोन ले रहे हैं तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप उस लोन को प्राप्त करने के लिए गारंटी के तौर पर क्या रख रहे हैं। प्रॉपर्टी को खरीदने के लिए लोन लेने से पहले सभी बैंकों द्वारा लिए जाने वाले इंटरेस्ट रेट का पता जरूर कर लें।

प्रॉपर्टी की लोकेशन: जब भी हम प्रॉपर्टी खरीदने की बात करते हैं तो लोकेशन इसका सबसे अहम फैक्टर होता है। आप जिस भी जगह पर प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं यह सोचकर ही खरीदें की मिड टर्म या फिर लॉन्ग टर्म में वहां कितना डेवलपमेंट होने वाला है। इस तरह आपके द्वारा की गई इन्वेस्टमेंट आपको बेहतर रिटर्न दे सकती है।

प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन: किसी भी प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करते वक्त उसकी वैल्यूएशन बहुत ही जरूरी हो जाती है। प्रॉपर्टी खरीदने से पहले यह जांच लें कि ऐसी प्रॉपर्टी का रेट क्या है, जिस जमीन पर वह प्रॉपर्टी बनी है उस जमीन की कीमत क्या है और अगर आप उस लोकेशन पर प्रॉपर्टी को किराए पर देते हैं तो आपको क्या कमाई होगी।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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