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ट्रेनों में इन यात्रियों के लिए रिजर्व रहेंगी लोअर बर्थ, रेलवे ने जारी किए आदेश, पढ़ें पूरी डिटेल्स

भारतीय रेल ने दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में बर्थ रिजर्व करने का ऐलान किया है। इस सिलसिले में रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन को आदेश जारी कर दिए हैं। दिव्यांग यात्रियों के साथ ही, उनके साथ यात्रा करने वाले व्यक्ति के लिए भी सीट रिजर्व रहेंगी।

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भारतीय रेल ने विकलांग यात्रियों के लिए मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में रिजर्व की सीटें

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • दिव्यांग यात्रियों के लिए रेलवे का बड़ा फैसला
  • मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में रिजर्व रहेंगी बर्थ
  • गरीब रथ में सफर करने के लिए देना होगा पूरा किराया

Indian Railways New Seat Provisions for Handicapped Passengers: भारतीय रेल ने ट्रेन में सफर करने वाले दिव्यांग लोगों को सुविधाजनक और आरामदायक रेल सेवाएं देने के लिए मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में बर्थ निर्धारित की हैं। रेलवे ने दिव्यांग यात्रियों के साथ ही उनके साथ यात्रा करने वाले व्यक्ति के लिए भी ट्रेनों में बर्थ तय किया है। रेलवे के नियमों के मुताबिक दिव्यांग यात्रियों के लिए ट्रेनों में लोअर बर्थ रिजर्व रहेगी। बताते चलें कि दिव्यांग यात्रियों से पहले बुजुर्ग और महिला यात्रियों को पहले से ही ये सुविधा मिल रही है।

स्लीपर क्लास में 4 और एसी क्लास में 2 सीट रहेंगी रिजर्व

31 मार्च को सभी रेल जोन को जारी किए गए आदेश में रेलवे बोर्ड ने कहा है कि स्लीपर क्लास में 4 बर्थ (दो लोअर और दो मिडल), थर्ड क्लास एसी में 2 बर्थ (एक लोअर और एक मिडिल), थर्ड इकोनॉमी क्लास में 2 बर्थ (एक लोअर और एक मिडल) दिव्यांग लोगों और उनके साथ यात्रा करने वाले व्यक्ति के लिए रिजर्व होगा।

गरीब रथ ट्रेन में विकलांगों के लिए 4 सीट रहेंगी रिजर्व

इसके अलावा, गरीब रथ ट्रेनों में दिव्यांग यात्रियों के लिए दो लोअर बर्थ और दो अपर बर्थ रिजर्व करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इस सुविधा के लिए उन्हें पूरा किराया चुकाना होगा। वहीं दूसरी ओर, एसी चेयर कार ट्रेनों में 'दिव्यांग' यात्रियों के लिए 2 सीटें आरक्षित होंगी।

विकलांग यात्रियों को किराये में मिलती है रियायत

बताते चलें कि भारतीय रेल दिव्यांग व्यक्तियों की चार कैटेगरी के लिए किराये में भी रियायत प्रदान करता है। दिव्यांग लोगों की इन कैटेगरी में ऑर्थोपैडिकली हैंडिकैप्ड/पैराप्लेजिक व्यक्ति और मानसिक रूप से मंद व्यक्ति जो बिना साथी के यात्रा नहीं कर सकते, पूरी तरह से अंधे व्यक्ति और पूरी तरह से मूक-बधिर जो अकेले या एक साथी के साथ यात्रा कर रहे हैं।

पीटीआई इनपुट्स के साथ

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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