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Rudraksha Identify: कहीं आप भी नकली रुद्राक्ष तो नहीं पहन रहें, इन तरीकों से करें असली और नकली की पहचान

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Nov 5, 2022, 04:07 PM IST

Rudraksha Identify: आज बाजार और ऑनलाइन में आपको कई तरह के रुद्राक्ष मिल जाएंगे। हालांकि इनमें से कुछ रुद्राक्ष की माला असली हैं और कुछ नकली हैं। असली रुद्राक्ष जीवन में सुख, शांति, सकारात्मकता प्राप्त करने में मदद करता है। वहीं नकली रुद्राक्ष से वास्तव में कोई लाभ नहीं होता है।

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इन तरीकों से करें असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान।

Photo : iStock

Rudraksha Identify:हिंदू मान्यताओं (Hindu Beliefs) के मुताबिक रुद्राक्ष का सीधा संबंध भगवान शंकर (Lord Shankar) से माना जाता है और यही कारण है कि हिंदू धर्म (Hindu Religion) को मानने वाले लोग रुद्राक्ष को बहुत पवित्र और पूजनीय मानते हैं। आज बाजार (Market) और ऑनलाइन (Online) में आपको कई तरह के रुद्राक्ष मिल जाएंगे। हालांकि इनमें से कुछ रुद्राक्ष की माला असली हैं और कुछ नकली हैं।

असली रुद्राक्ष जीवन में सुख, शांति, सकारात्मकता प्राप्त करने में मदद करता है। वहीं नकली रुद्राक्ष से वास्तव में कोई लाभ नहीं होता है। ऐसे में अब सवाल उठता है कि असली और नकली रुद्राक्ष में फर्क कैसे पहचाना जाए? तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि कैसे आप असली-नकली में फर्क पता कर सकते हैं।

ऐसे पहचाने असली रुद्राक्ष:-

  • रुद्राक्ष को कुछ घंटों के लिए पानी में उबाल लें। इसके बाद अगर रुद्राक्ष का रंग नहीं बदलता।
  • रुद्राक्ष को पानी में डालें। अगर ये डूब जाता है, तो वह रुद्राक्ष नकली है या उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, तो इसका अर्थ है कि ये रुद्राक्ष असली है।
  • रुद्राक्ष को सरसों के तेल में डुबाने पर अगर उसका रंग गहरा हो जाए तो वह असली है। आमतौर पर गहरे रंग के रुद्राक्ष को अच्छा माना जाता है और हल्के रंग के रुद्राक्ष को अच्छा और प्रभावी नहीं माना जाता है।
  • रुद्राक्ष की असली पहचान करने के लिए आप इसे सुई से छेद सकते हैं। ऐसा करने से अगर रुद्राक्ष से रेशे बाहर आ जाए तो रुद्राक्ष असली है, नहीं तो नकली है।
  • असली रुद्राक्ष की ऊपरी सतह कभी एक समान नहीं होती है। हालांकि नकली रुद्राक्ष में ऊपरी सतह काफी हद तक समान रहती है।

ये सब बातें जानने के बाद हमें उम्मीद है कि अगली बार जब कभी भी आप रुद्राक्ष खरीदने जाएंगे, तो आप इन तरीकों को अपनाकर पहचान सकते हैं कि रुद्राक्ष असली है या नकली।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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