एफडी ब्याज इनकम पर टीडीएस बचाएं
Reduce TDS on FD: फिक्स्ड डिपॉजिट को आमतौर पर निवेश के लिए काफी सुरक्षित माना जाता है। इसलिए बड़ी संख्या में लोग बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना पसंद करते हैं। लेकिन बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर टीडीएस कटता है। लेकिन सीनियर सिटीजन एफडी पर लगने वाले टीडीएस से बच सकते हैं। कुछ सामान्य निवेशक भी कुछ टिप्स अपनाकर एफडी पर लगने वाले टीडीएस से बच सकते हैं। इसलिए पहले समझ लेते हैं कि फिक्स्ड डिपॉजिट पर टीडीएस कब कटता है।
आप जो भी टैक्स रिजीम नई या पुरानी चुनते हैं। बैंक आमतौर पर टीडीएस तब काटते हैं, जब ब्याज से होने वाली कमाई एक वित्तीय वर्ष में 50 हजार रुपये से अधिक हो जाती है। हालांकि, आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत इनकम टैक्स डिडक्शन प्रावधान की मदद से आप टीडीएस कटौती को कम कर सकते हैं।
आमतौर पर टीडीएस का कैलकुलेशन मार्च में की जाती है, इसलिए आपको अपनी एफडी इस तरह से बुक करनी होगी कि यह आपको एक वित्तीय वर्ष में 40,000 रुपये की ब्याज इनकम अर्जित करने से रोके। अब आप साल में किसी भी समय, यहां तक कि मध्य में जैसे कि सितंबर में एक साल की जमा राशि बुक कर सकते हैं। इस तरह ब्याज से इनकम दो भागों में बंट जाएगी। जिससे आपको टीडीएस से कौटती में बचत होगी।
अगर आपकी उम्र 60 साल से कम है तो आप फॉर्म 15G जमा करके एक निश्चित रकम तक टीडीएस बचा सकते हैं। इस फॉर्म में बताया गया है कि आपकी वार्षिक 2.5 आय रुपये से कम है, तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। फॉर्म 15G 60 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों के लिए है। वरिष्ठ नागरिक 15H का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, आपको नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले फॉर्म जमा करना होगा। हालांकि, यदि आप ऐसा करने में असफल रहते हैं, तो भी आप नई तिमाही शुरू होने से पहले फॉर्म जमा कर सकते हैं।
(Samta Barnali Achintya ने यह ईटी नाउ के लिए लिखा है)