Why Is Lithium Called White Gold: आज के समय में इलेक्ट्रिक वाहनों, स्मार्टफोन, लैपटॉप और ऊर्जा एनर्जी स्टोरेज की बढ़ती मांग के कारण लिथियम दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण धातुओं में से एक बन चुका है। बता दें हर इलेक्ट्रिक वाहनों में लिथियम आयन बैटरी लगती है। यही कारण है कि जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लिथियम की जरूरत भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि लिथियम को सफेद सोना क्यों कहा जाता है। यह इतना कीमती क्यों होता है तो यहां आप इसे जान सकते हैं।
क्या होता है लिथियम
बता दें लिथियम एक रासायनिक तत्व है। इसे सबसे हल्की धातु और सबसे कम घनत्व वाला ठोस तत्व कहा जाता है। इसका केमिकल सिंबल Li और एटॉमिक नंबर 3 है। कहा जाता है कि इस शब्द की उत्पत्ति यूग्रीक भाषा के शब्द लिथोस से हुई है, जिसका मतलब पत्थर होता है।
Which Element Is Called White Gold: लिथियम को सफेद गोल्ड क्यों कहा जाता है
लिथियम का प्रयोग रिचार्जेबल बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और इलेक्ट्रिक वाहनों में एनर्जी स्टोरेज के लिए किया जाता है। हर इलेक्ट्रिक वाहन में लिथियम और आयन की बैटरी लगती है। यही कारण है कि जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहन की डिमांड बढ़ती जा रही है वैसे ही इसका मूल्य भी बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि इसे सफेद गोल्ड (White Gold) कहा जाता है।
लिथियम का उपयोग कहां होता है
लिथियम का प्रयोग केवल बैटरियों तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल विमानन उद्योग, चिकित्सा उपकरण, कांच और सिरेमिक बनाने, विशेष प्रकार के ग्रीस, रक्षा उपकरणों और सौर ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में भी किया जाता है। भविष्य में अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के विस्तार के साथ इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है।
आसान नहीं होता लिथियम का खनन
बता दें लिथियम का खनन आसान नहीं होता है। इसके उत्पादन में काफी पानी की आवश्यकता होती है और यदि सावधानी न बरती जाए तो पर्यावरण पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए आज दुनिया भर में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से लिथियम के खनन और पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) पर भी जोर दिया जा रहा है।
